
चंडीगढ़.
पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होते ही हंगामा भी शुरू हो गया। सत्र के पहले ही दिन फार्मेसी पेपर लीक और नीट परीक्षा के मुद्दे को लेकर सदन में जबरदस्त संग्राम देखने को मिला। सदन की कार्यवाही की शुरुआत बेहद भावुक माहौल में हुई।
मानसून सत्र के पहले दिन सबसे पहले उन दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी गई जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। इस दौरान देश में हुए नीट परीक्षा पेपर लीक के तनाव के कारण अपनी जान गंवाने वाले मासूम विद्यार्थियों को भी पंजाब विधानसभा में विशेष तौर पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस भावुक क्षण पर विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को अपना परीक्षा सिस्टम बेहद मजबूत करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी गंभीर घटनाएं दोबारा न हों। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि पेपर लीक की वजह से कई होनहार बच्चों की जान चली गई है, जो बेहद चिंताजनक है।
कार्यवाही की शुरुआत में ही हंगामा
जैसे ही औपचारिकताओं के बाद सदन की मुख्य कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने फार्मेसी पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस पर सीधा हमला बोला। इस तीखे हमले पर विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण विषय पर विस्तार से चर्चा करने के लिए सदन के पास पूरे सात दिन का समय उपलब्ध है और पूरी कार्यवाही नियमों के दायरे में रहकर ही चलाई जाएगी।
मंत्री बैंस बोले- तैयारी के साथ आया हूं
दूसरी तरफ, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि वह सदन में पूरी तैयारी के साथ आए हैं और विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मंत्री के इस बयान के बाद दोनों पक्षों के विधायक आमने-सामने आ गए और सदन में भारी शोर-शराबा शुरू हो गया। इसी बीच वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मोर्चा संभालते हुए कांग्रेस पर बहुत बड़ा राजनीतिक हमला कर दिया। चीमा ने कहा, "आज पंजाब में पेपर नहीं, बल्कि खुद कांग्रेस ही पूरी तरह लीक हो चुकी है।"
आप ने विपक्ष को घेरा
चीमा ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस का पंजाब में वजूद खत्म हो चुका है और हर जगह से कांग्रेस में सिर्फ लीकेज ही दिखाई दे रही है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार प्रदेश में बेहतरीन काम कर रही है। वित्त मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेसी विधायक भड़क गए और वेल में आकर नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद स्पीकर ने सदन को स्थगित कर दिया।
पंजाब में दिखेंगी नई बसें
दोबारा जब सत्र की कार्यवाही शुरू हुई तो नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने एक नया मोर्चा खोल दिया। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के हालिया आदेशों का हवाला देते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया। इसके ठीक बाद कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने दोबारा फार्मेसी पेपर लीक का मुद्दा उठाने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन हंगामे के चलते इस पर औपचारिक चर्चा संभव नहीं हो सकी।
इस भारी शोर-शराबे और गहमा-गहमी के बीच ही वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब की जनता के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा भी की। उन्होंने सदन को सूचित किया कि पीआरटीसी के सरकारी बस बेड़े में बहुत जल्द 900 नई बसें शामिल होने जा रही हैं, जिससे आम जनता का सफर आसान होगा।











