iPhone Duo को लीड कर रहे भारतीय पीयूष प्रतीक, IIT Delhi से Apple तक का सफर

Apple का पहला फोल्डेबल iPhone Duo इस समय टेक की दुनिया में चर्चा का सबसे बड़ा नाम है. करीब 3 लाख रुपये से शुरू होने वाला यह फोन सिर्फ इसलिए खास नहीं है कि यह फोल्ड होता है. इसके पीछे काम करने वाली टीम में एक भारतीय नाम भी अब खास तौर पर चर्चा में है. नाम है पीयूष प्रतीक. IIT Delhi से पढ़े पीयूष अब Apple में iPhone Duo के प्रोडक्ट मैनेजर हैं और उन्होंने खुद LinkedIn पर बताया है कि इस नए iPhone को लीड करना उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी रही है.
Apple ने 9 सितंबर 2026 को अपना पहला फोल्डेबल iPhone पेश किया था. कंपनी ने इसका नाम iPhone Duo रखा. फोन खुलने पर इसमें 7.6 इंच का बड़ा डिस्प्ले मिलता है, जबकि बंद करने पर 5.4 इंच की बाहरी स्क्रीन मिलती है. भारत में इसकी शुरुआती कीमत ₹2,99,900 है और इसकी बिक्री 23 अक्टूबर से शुरू होगी.
कौन हैं पीयूष प्रतीक?
लेकिन इस फोन की चर्चा के बीच एक भारतीय प्रोफेशनल का नाम भी तेजी से सामने आया है. यह नाम है Piyush Pratik. उनकी मौजूदा लिंक्डइन प्रोफाइल पर पद प्रोडक्ट मैनेजर, iPhone Duo लिखा है. अपने हालिया पोस्ट में उन्होंने iPhone Duo को लेकर लिखा कि इस प्रोडक्ट को लीड करना उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी और सौभाग्य है. उन्होंने इस काम के पीछे ऐपल की कई टीमों की मेहनत का भी जिक्र किया है.
यहां एक बात समझना जरूरी है. iPhone Duo किसी एक व्यक्ति ने नहीं बनाया है. ऐपल के ऐसे प्रोडक्ट में हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, डिजाइन, इंजीनियरिंग, कैमरा, ऑपरेशंस और मार्केटिंग समेत कई टीमें काम करती हैं. इसलिए पीयूष को अकेले 'iPhone Duo बनाने वाला भारतीय' कहना सही नहीं होगा. लेकिन उनकी मौजूदा भूमिका और उनके अपने बयान यह जरूर बताते हैं कि वह इस प्रोडक्ट की लीडिंग टीम का हिस्सा हैं.
IIT Delhi से शुरू हुआ सफर
पीयूष प्रतीक की कहानी किसी सामान्य इंजीनियरिंग जॉब से Apple तक पहुंचने वाली कहानी नहीं है. उन्होंने IIT Delhi से बायोकेमिकल इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी में B.Tech और M.Tech की डुअल डिग्री की. एवेलेबल प्रोफाइल और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने 2011 में IIT Delhi से पढ़ाई पूरी की और वहां गोल्ड मेडल भी हासिल किया.
दिलचस्प बात यह है कि इंजीनियरिंग के बाद पीयूष सीधे Apple नहीं पहुंचे. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत Bain & Company में एसोसिएट कंसल्टेंट के तौर पर की. इसके बाद 2013 में वह InMobi से जुड़े. यहां उन्होंने प्रोडक्ट मार्केटिंग में काम किया और आगे चलकर डायरेक्टर की भूमिका तक पहुंचे.
इसके बाद उनके करियर में एक और बड़ा मोड़ आया. 2017 में उन्होंने स्टैनफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस में MBA शुरू किया. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें रिलायंस धीरूभाई स्कॉलरशिप मिली थी, जिसके जरिए उनकी स्टैनफोर्ड की पढ़ाई को पूरा समर्थन मिला. 2019 में MBA पूरा करने के बाद पीयूष ने ऐपल जॉइन किया.
iPhone Duo के अलावा इन iPhone मॉडल्स में बड़ा रोल
पीयूष का ऐपल के साथ काम iPhone 16 से शुरू नहीं हुआ था. ऐपल में आने के बाद उन्होंने iPhone की प्रोडक्ट मैनेजमेंट टीम में काम किया और iPhone 13 लाइनअप और दूसरी जेनेरेशन के iPhone SE से जुड़े काम में भी उनकी भूमिका रही. 2024 में उनका नाम पहली बार बड़े पैमाने पर लोगों के सामने तब आया, जब Apple के iPhone 16 लॉन्च इवेंट में उन्होंने नए कैमरा कंट्रोल के बारे में जानकारी दी. इस समय भी वो भारत में सुर्खियों में रहे थे.
यह सिर्फ एक नॉर्मल कैमरा बटन नहीं था. ऐपल ने इसे टच और प्रेशर सेंसर के साथ डिजाइन किया था. इससे कैमरा जल्दी खोला जा सकता था, फोटो क्लिक की जा सकती थी और उंगली को स्लाइड करके कैमरा सेटिंग्स जैसे जूम को कंट्रोल किया जा सकता था. बाद में इसी Camera Control को Visual Intelligence जैसे फीचर्स दिए गए.
पीयूष ने Apple के इस नए फीचर के पीछे की सोच को भी समझाया था. उनके मुताबिक मकसद सिर्फ iPhone में एक और बटन जोड़ना नहीं था, बल्कि कैमरा इस्तेमाल करने के पूरे अनुभव को तेज और आसान बनाना था. Apple की टीम ने कैमरा कंट्रोल को इस तरह डिजाइन किया कि इसे फोन को पोर्ट्रेट और लैंडस्केप दोनों तरह से पकड़कर इस्तेमाल किया जा सके.
अब कहानी पहुंची iPhone Duo तक
2026 में पीयूष की भूमिका और भी ज्यादा चर्चा में आ गई है. ऐपल ने पहली बार iPhone को फोल्डेबल डिजाइन दिया है और इसका नाम iPhone Duo रखा है. पीयूष ने अपने LinkedIn पोस्ट में इस लॉन्च को ओरिजनल आईफोन के बाद सबसे बड़े बदलावों में से एक बताया और लिखा कि वह इस प्रोडक्ट को लीड करने के लिए खुद को भाग्यशाली मानते हैं. उन्होंने खास तौर पर ऐपल की अलग-अलग टीमों की मेहनत और डिटेल पर दिए गए ध्यान को इस प्रोडक्ट की सफलता का हिस्सा बताया.











