समय पर आय प्रमाण-पत्र मिलने से सरिता की उच्च शिक्षा का रास्ता हुआ आसान

रायपुर। राज्य सरकार की सुशासन और डिजिटल सेवा व्यवस्था को मजबूत करने वाली सेवा सेतु पहल आज प्रदेश के हजारों परिवारों के लिए भरोसे का माध्यम बनती जा रही है। अब नागरिकों को छोटे-छोटे प्रमाण-पत्रों और शासकीय सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं, बल्कि एक ही केंद्र पर पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
ऐसी ही एक प्रेरक कहानी दंतेवाड़ा जिले के बड़े बचेली क्षेत्र से सामने आई है, जहां मुन्ना राम अपनी पुत्री सरिता की उच्च शिक्षा को लेकर चिंतित थे। कॉलेज में प्रवेश के लिए आय प्रमाण-पत्र सहित आवश्यक दस्तावेजों की जरूरत थी, लेकिन दस्तावेज समय पर उपलब्ध न होने से उनकी बेटी की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका थी।
परिवार ने सेवा सेतु केंद्र में आवेदन किया। केंद्र के अधिकारियों और कर्मचारियों ने आवेदन की त्वरित प्रक्रिया पूरी करते हुए आवश्यक आय प्रमाण-पत्र समय पर जारी कर दिया। दस्तावेज मिलने के बाद सरिता का उच्च शिक्षा में प्रवेश सुनिश्चित हो सका और उसकी पढ़ाई बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सकी।
मुन्ना राम ने बताया कि पहले ऐसे कार्यों के लिए कई दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और आर्थिक संसाधनों दोनों की परेशानी होती थी। अब सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से एक ही स्थान पर आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि समय पर दस्तावेज मिलने से उनकी बेटी का भविष्य सुरक्षित हुआ और परिवार की बड़ी चिंता दूर हो गई।
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु जैसी व्यवस्था ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए सुशासन का वास्तविक उदाहरण है। यह पहल न केवल प्रशासन को नागरिकों के करीब ला रही है, बल्कि बेटियों की शिक्षा, युवाओं के भविष्य और आम लोगों के आत्मविश्वास को भी नई मजबूती दे रही है।
राज्य सरकार द्वारा डिजिटल और नागरिक-केंद्रित सेवाओं के विस्तार से यह स्पष्ट हो रहा है कि सुशासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों तक समय पर उनका लाभ पहुंचाना है। सेवा सेतु केंद्र आज प्रदेश में शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, प्रमाण-पत्र, राजस्व और अन्य शासकीय सेवाओं को सरल बनाकर नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।











