MP में निजी सुरक्षा एजेंसियों के लाइसेंस पर नया नियम, 15 दिन में पुलिस रिपोर्ट, तय समय में होगा नवीनीकरण

भोपाल
मध्यप्रदेश में निजी सुरक्षा एजेंसियों के लाइसेंस और नवीनीकरण की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए गृह विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। विभागीय समीक्षा में कई जिलों में चरित्र सत्यापन और पुलिस जांच रिपोर्ट समय पर नहीं भेजे जाने के कारण बड़ी संख्या में आवेदन लंबित पाए गए।
उसके बाद गृह विभाग ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश जारी किए हैं। अब जांच पूरी होने के बाद 15 दिनों के भीतर प्रतिवेदन संबंधित कार्यालय को भेजना अनिवार्य होगा, ताकि आवेदकों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
गृह विभाग की सचिव कृष्णावेणी देसावतु ने बताया कि प्राइवेट सुरक्षा अभिकरण (विनियमन) अधिनियम, 2005 के अंतर्गत नए लाइसेंस के लिए प्राप्त आवेदनों का निराकरण निर्धारित 60 दिवस की समय-सीमा में तथा लाइसेंस नवीनीकरण के आवेदनों का निराकरण 30 दिवस की समय-सीमा में किया जाना है। इसी प्रकार, जांच उपरांत प्रतिवेदन 15 दिवस के भीतर संबंधित कार्यालय को भेजे जाने के निर्देश हैं।
उन्होंने बताया कि निजी सुरक्षा एजेंसियों से संबंधित आवेदनों के निराकरण में अनावश्यक विलंब को रोकने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गृह विभाग द्वारा की गई समीक्षा में कुछ जिलों में जांच प्रतिवेदन लंबे समय से लंबित पाए गए थे। इस पर संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा भविष्य में समय-सीमा का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच प्रक्रिया को बनाया जाएगा अधिक व्यवस्थित
निजी सुरक्षा एजेंसियों के आवेदकों के चरित्र एवं कार्यालय सत्यापन की प्रक्रिया को भी सुव्यवस्थित किया गया है। संबंधित एजेंसी के कार्यालय का भौतिक सत्यापन कराए जाने तथा आवेदक के चरित्र संबंधी सत्यापन की जांच सीसीटीएनएस एवं आईसीजेएस के माध्यम से किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
कृष्णावेणी देसावतु ने यह भी बताया कि जांच प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब को रोकने के लिए आवेदक को केवल आवश्यक होने पर ही उपस्थित होने के लिए बुलाया जाए तथा अनावश्यक रूप से किसी प्रकरण को लंबित न रखा जाए।
गृह विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निजी सुरक्षा एजेंसियों से संबंधित जांच प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो और निर्धारित समय-सीमा में प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से प्रेषित किया जाए।
नए नियमों के तहत तय हुई समय-सीमा
गृह विभाग के निर्देशों के अनुसार नए लाइसेंस के आवेदनों का निराकरण अधिकतम 60 दिनों में किया जाएगा, जबकि लाइसेंस नवीनीकरण से जुड़े मामलों का फैसला 30 दिनों के भीतर करना होगा।
वहीं, पुलिस जांच पूरी होने के बाद संबंधित प्रतिवेदन 15 दिनों के अंदर भेजना अनिवार्य रहेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
सत्यापन प्रक्रिया होगी अधिक प्रभावी
प्राइवेट सुरक्षा अभिकरण (विनियमन) अधिनियम, 2005 के तहत एजेंसी कार्यालय का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। इसके साथ ही संचालक के चरित्र का सत्यापन क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) और आईसीजेएस के माध्यम से किया जाएगा।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आवेदकों को केवल आवश्यकता होने पर ही बुलाया जाए और बिना कारण कोई भी प्रकरण लंबित न रखा जाए।
बैंक, अस्पताल और उद्योगों पर पड़ता है सीधा असर
निजी सुरक्षा एजेंसियां बैंक, एटीएम, अस्पताल, स्कूल, मॉल और औद्योगिक संस्थानों में सुरक्षा सेवाएं उपलब्ध कराती हैं। ऐसे में लाइसेंस जारी होने या नवीनीकरण में देरी का असर सीधे इन संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ता है।
गृह विभाग का मानना है कि समयबद्ध प्रक्रिया लागू होने से नई एजेंसियों को राहत मिलेगी और सुरक्षा सेवाओं का संचालन भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।











