बिहार-झारखण्‍डराज्य

बोकारो ट्रेजरी घोटाले में बड़ा खुलासा, 10 करोड़ से ज्यादा की मनी ट्रेल का पता चला

बोकारो

झारखंड के बोकारो कोषागार से वेतन की अवैध निकासी मामले में सीआईडी की एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई की है। विशेष जांच टीम ने अब तक की तफ्तीश में 10 करोड़ रुपये से अधिक की मनी ट्रेल का पता लगाया है। इसे अब तक का सबसे बड़ा खुलासा माना जा रहा है।

सीआईडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच दल ने धन के लेन-देन (मनी ट्रेल) का विश्लेषण करने के बाद विभिन्न बैंक खातों में हस्तांतरित 1.80 करोड़ रुपये चिह्नित कर फ्रिज कर दिया है। 18 लाख रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) को भी सीज किया गया है। एसआईटी ने गुरुवार को अशोक भंडारी के बोकारो आवास पर छापे मारे। इस दौरान पुलिस को निवेश और अचल संपत्तियों से जुड़े कई दस्तावेज मिले, जिसमें बोकारो के तेलीडीह में 4.08 डिसमिल जमीन व उस पर बना एक तीन मंजिला आलीशान मकान, तेलीडीह में 4.98 डिसमिल की एक अन्य भूमि के दस्तावेज मिले हैं।

बोकारो एसपी कार्यालय से आरक्षी गिरफ्तार
बोकारो ट्रेजरी से अवैध निकासी की जांच कर रही सीआईडी रांची की टीम ने गुरुवार को एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में पदस्थापित आरक्षी काजल मंडल को गिरफ्तार किया। उसे पूछताछ के लिए रांची लाया गया है। काजल पर कौशल पांडेय का सहयोगी होने का आरोप है। काजल की गिरफ्तारी से पूर्व सीआईडी रांची की टीम ने मैनुअल व डिजिटल तरीके से कई रिकार्ड की जांच की। लगातार चार कर्मियों की गिरफ्तारी से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

तीन पहले ही गिरफ्तार
इस घोटाले में संलिप्तता के आधार पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय बोकारो की लेखा शाखा में तैनात तीन कर्मियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें लेखापाल कौशल कुमार पांडेय को मास्टरमाइंड मान कर जांच की जा रही है। जबकि होमगार्ड सतीश कुमार व जमादार अशोक भंडारी की गिरफ्तारी कौशल के सहयोगी के तौर पर हुई है।

गुमला में भी 28 लाख की गड़बड़ी, रिपोर्ट तलब
गुमला जिले में वेतन मद से 28.39 लाख रुपये की कथित अवैध निकासी का मामला सामने आया है। गुमला ट्रेजरी से यह गड़बड़ी महालेखाकार द्वारा आईएफएमएस डाटा की समीक्षा के दौरान सामने आई है। यह अवैध निकासी वर्ष 2017 से वर्ष 2025 के दौरान की गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए गुमला डीसी दिलेश्वर महतो ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल जांच रिपोर्ट मांगी है।

उपायुक्त की ओर से डीएसई समेत संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि महालेखाकार के पत्र के आलोक में पूरे मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, ताकि मुख्यालय को वस्तुस्थिति से अवगत कराया जा सके। जांच के लिए जिन डीडीओ और पदाधिकारियों को चिह्नित किया गया है, उनमें डीएसपी बीरेंद्र टोप्पो, घनश्याम चौबे (जीएमएस पतराटोली) और प्रियाश्री भगत (गवर्नमेंट मिडिल स्कूल मोरहाटोली) शामिल हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button