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रांची में नशीली सिरप का बड़ा खुलासा, मजदूरों को नशा देकर कराया जा रहा था काम

रांची
 राजधानी रांची में नशीली दवाओं की तस्करी और उसके खौफनाक इस्तेमाल को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित कोरेक्स सिरप के अवैध भंडारण और तस्करी के आरोप में दो युवकों को दबोचा है।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान सौरभ और बाक्सी खान के रूप में हुई है। पुलिस ने जब इनके ठिकानों पर छापेमारी की, तो इनके कब्जे से कुल 122 बोतल कोरेक्स सिरप बरामद की गई। लेकिन इस गिरफ्तारी के बाद जो कहानी सामने आई है, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए हैं।

जमीन के धंधेबाजों का नया और खतरनाक खेल
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस के सामने जो सच आया है, वह किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा है। गिरफ्तार आरोपी सौरभ और बाक्सी खान जमीन के कारोबार (रियल एस्टेट) से जुड़े हुए हैं। वे कोई पेशेवर दवा तस्कर नहीं हैं, बल्कि अपने फायदे के लिए इस काले धंधे में उतरे थे।

जांच में पता चला है कि जमीन से जुड़े भारी-भरकम और थकाऊ कार्यों में लगे मजदूरों और अन्य युवाओं से ज्यादा से ज्यादा काम लेने के लिए उन्हें यह नशीली सिरप पिलाई जाती थी। कफ सिरप के नशे में मजदूर बिना थके और बिना किसी शिकायत के घंटों काम करते रहते थे।

चंद पैसों के फायदे और जमीन के काम को तेजी से निपटाने के लिए मजदूरों की सेहत और जिंदगी के साथ यह जानलेवा खिलवाड़ किया जा रहा था।

मेडिकल स्टोर से पेटियों में खरीदी जा रही थी खेप
इस पूरे मामले में अब रांची की एक मेडिकल दुकान भी पुलिस के राडार पर आ गई है। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि दोनों आरोपी एक नामी मेडिकल स्टोर से पेटियों के हिसाब से कोरेक्स सिरप की थोक में खरीदारी करते थे। नियम के मुताबिक, बिना डॉक्टर के पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) के कोई भी मेडिकल स्टोर इतनी बड़ी मात्रा में कफ सिरप नहीं बेच सकता।

ऐसे में पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि आखिर किस आधार पर और किसकी मिलीभगत से इन आरोपियों तक नशीली सिरप की इतनी बड़ी खेप पहुंचाई जा रही थी। पुलिस जल्द ही उस संबंधित दवा दुकान के संचालक पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है।

रांची पुलिस खंगाल रही है पूरा नेटवर्क
इस कामयाबी के बाद पुलिस अब इस पूरे रैकेट की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या रांची के अन्य कंस्ट्रक्शन साइट्स या जमीन के कारोबार में भी मजदूरों को इस तरह के नशे का आदी बनाया जा रहा है? इसके साथ ही आरोपियों के मोबाइल

 

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