
चंडीगढ़. कांग्रेस के भीतर राजनीतिक खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखी एक चिट्ठी ने हरियाणा कांग्रेस में नया मोर्चा खोल दिया है।
चिट्ठी में कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य व रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा को सीडब्ल्यूसी से हटाने की मांग की गई थी। इसके बाद हुड्डा समर्थक सांसदों, विधायकों और पूर्व विधायकों ने कुलदीप शर्मा को घेर लिया है।आरोप-प्रत्यारोप के बीच कांग्रेस का विवाद की जड़ दीपेंद्र हुड्डा का वह बयान है, जो उन्होंने दिवंगत कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को श्रद्धांजलि देते हुए दिया था। भाजपा ने दीपेंद्र हुड्डा के शब्दों को इस रूप में प्रचारित किया कि उन्होंने सज्जन कुमार को अपना ‘रोल मॉडल’ बताया है। राजनीतिक विवाद बढ़ा तो दीपेंद्र हुड्डा ने अपनी बात पर खेद जताया और माफी मांग ली।
हुड्डा खेमे का कहना है कि जब सांसद ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए माफी मांग ली, तो मामले को आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं थी। इसके बावजूद कुलदीप शर्मा द्वारा खरगे को चिट्ठी लिखे जाने से विवाद को फिर हवा दे दी गई।
‘पुत्र मोह में धृतराष्ट्र’ होते जा रहे कुलदीप
फरीदाबाद एनआइटी के पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने तो कुलदीप शर्मा के राजनीतिक अतीत और पारिवारिक रिश्तों तक को निशाने पर ले लिया। उन्होंने कहा, “जो व्यक्ति अपने परिवार का सगा नहीं, वह दूसरों का क्या सगा होगा।” नीरज शर्मा ने आरोप लगाया कि कुलदीप शर्मा ने अपने पिता के साथ भी धोखा किया। उन्होंने कहा कि कुलदीप शर्मा ‘पुत्र मोह में धृतराष्ट्र’ होते जा रहे हैं और परिवार के राजनीतिक हितों को लेकर इस तरह मुखर हैं। नीरज शर्मा ने दीपेंद्र हुड्डा के समर्थन में सवाल उठाया कि कांग्रेस हाईकमान के विरुद्ध (जी-20) यदि किसी पत्र पर कुलदीप शर्मा ने हस्ताक्षर किए थे तो क्या वे बंदूक की नोक पर करवाए गए थे। उनके निशाने पर कुलदीप शर्मा की ओर से उठाए जा रहे राजनीतिक सवाल थे।
‘जब हाशिये पर थे, हुड्डा घर से लेकर आए'
सोनीपत के सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कुलदीप शर्मा को चेतावनी देते हुए कहा कि दीपेंद्र हुड्डा हरियाणा की छत्तीस बिरादरी के नेता हैं और वह विवादित बयान पर खेद प्रकट कर चुके हैं। उन्होंने हुड्डा परिवार के सिख समाज के साथ रिश्तों और सम्मान का भी उल्लेख किया। ब्रह्मचारी ने कहा कि कुलदीप शर्मा एक समय भूपेंद्र सिंह हुड्डा को अपना भगवान मानते थे, लेकिन व्यक्तिगत स्वार्थ पूरा नहीं होने के बाद उनके परिवार के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया। उन्होंने दावा किया कि जब कुलदीप शर्मा राजनीति में हाशिये पर थे, तब हुड्डा उन्हें घर से लेकर आए, विधायक बनाया और विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी। उन्होंने कहा कि कुलदीप शर्मा को पार्टी और सरकार में नंबर दो तक का स्थान मिला।
कांग्रेस प्रभारी ने की कुलदीप शर्मा से बात
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र यादव इस पूरे विवाद पर संभलकर बोलते नजर आए। उन्होंने कहा कि यह पार्टी के भीतर की बात है और इसका मंथन मीडिया के सामने नहीं किया जाएगा। उनके मुताबिक कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त ने कुलदीप शर्मा से बातचीत की है और पार्टी को उम्मीद है कि मामला सुलझ जाएगा।











