कृषि योजनाओं में सुस्ती पर झारखंड सरकार सख्त, पांच जिलों के अफसरों पर कार्रवाई की तैयारी

रांची
कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने राज्य में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन और आवंटित राशि कम खर्च पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सोमवार को आयोजिक बैठक में कृषि सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों के आलोक में योजनाओं के क्रियान्वयन में सबसे
खराब प्रदर्शन करने वाले बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा, धनबाद तथा लातेहार के जिला कृषि पदाधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।
निदेशक ने समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना-सह-कृषक पाठशाला योजना के पुराने लंबित बिलों का अविलंब भुगतान करने और काम में लापरवाही बरतने वाली चयनित एजेंसियों को चिह्नित कर उन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिया है। कृषि निदेशक ने स्पष्ट निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब केवल पांच माह शेष हैं। इसलिए सभी योजनाओं का तेजी क्रियान्वयन किया जाए।
केंद्रीय कृषि मंत्री के दौरे को लेकर बढ़ी सक्रियता
बैठक में अधिकारियों को को बताया गया कि आठ अक्टूबर को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का रांची दौरा है। इस दौरान राज्य के कृषि मंत्री के साथ केंद्रीय योजनाओं की अद्यतन स्थिति और खर्च की समीक्षा की जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति और कोषागार से संबंधित लंबित प्रक्रियाओं को तुरंत पूरा करने का आदेश दिया गया।
किसान आईडी नहीं बनने पर रुकेगा मानदेय
डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन की समीक्षा के दौरान जिलावार व्यय पर असंतोष जताया गया। कृषि निदेशक ने निर्देश दिया कि जिलों में पदस्थापित बीटीएम, एटीएम और उप परियोजना निदेशकों के माध्यम से न्यूनतम 14,000 की संख्या में यूनिक किसान आईडी तैयार कराई जाए।
जब तक संबंधित कर्मी इस कार्य को पूरा करने का प्रमाण नहीं देंगे, तब तक माह अक्टूबर के मानदेय का भुगतान नहीं किया जाएगा। इस पर सख्ती बरतने के निर्देश हैं।











