उत्तर प्रदेशराज्य

महापुरुषों और महिलाओं का अपमान सपा की पुरानी पहचान, अमरपाल मौर्य का अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार

समाजवाद अब परिवारवाद में सिमट कर रह गया, प्रकाश पाल ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना

चुनाव जीतने की हिम्मत खो चुके लोग 'कॉकरोचों' के सहारे राजनीति कर रहे हैं: प्रकाश पाल

2024 लोकसभा चुनाव में सपा की सीटें बढ़ीं तब अखिलेश के लिए ईवीएम मुद्दा नहीं था: भाजपा प्रवक्ता अंकुश त्रिपाठी

सपा सरकार में महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामलों में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर था: भाजपा प्रवक्ता

लखनऊ
भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने समाजवादी पार्टी और उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरपाल मौर्य, राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल और पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉक्टर अंकुश त्रिपाठी ने अखिलेश और सपा की नीतियों, इतिहास और बयानों पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। अमरपाल मौर्य ने अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि जब-जब समाजवादी पार्टी की सरकार रही, तब-तब महापुरुषों का अपमान किया गया है।

अमरपाल मौर्य ने सपा शासन की याद दिलाते हुए कहा कि तत्कालीन ताकतवर मंत्री आजम खान ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को भू-माफिया बताया था, लेकिन अखिलेश यादव ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। अमरपाल ने सवाल उठाया कि अखिलेश किस मुंह से महापुरुषों के सम्मान की बात करते हैं।

गेस्ट हाउस कांड और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार
महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के मुद्दे पर अमरपाल मौर्य ने कहा कि सपा शासन में उत्तर प्रदेश में दलित समाज की नेता मायावती के साथ गेस्ट हाउस कांड में चीरहरण की कोशिश की गई, जिसे पूरा देश और दुनिया जानती है। उन्होंने कहा कि सपा की नैतिकता तब कहां चली जाती है जब उनके खुद के नेता ऐसे कारनामों में शामिल होते हैं।

चुनाव आयोग पर सपा का दोहरा मापदंड
अमरपाल मौर्य ने चुनाव आयोग पर अखिलेश यादव द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर कहा कि जब सपा चुनाव जीत जाती है, तब उन्हें चुनाव आयोग बिल्कुल सही लगता है, लेकिन जब वे हार जाते हैं तो आयोग पर सवाल खड़ा करने लगते हैं। उन्होंने इसे समाजवादी पार्टी का दोहरा चरित्र और दोहरा मापदंड बताया।

लोहिया जी की आत्मा रो रही होगी: प्रकाश पाल
भाजपा से राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल ने सपा के समाजवाद पर तंज कसते हुए कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया जी ने जिस समाजवाद को आगे बढ़ाया था, आज अखिलेश यादव के नेतृत्व में वह केवल एक परिवार तक सिमट कर रह गया है। उन्होंने कहा कि सपा आज समाजवादी नहीं, बल्कि परिवारवादी पार्टी बन चुकी है। स्वर्ग से लोहिया जी की आत्मा यह सब देखकर रो रही होगी।

सपा और INDI गठबंधन को सच बोलने की चुनौती
प्रकाश पाल ने अखिलेश यादव और विपक्षी गठबंधन के नेताओं को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि जो भी आरोप लगाने हैं, वे सच्चे मुद्दों पर आधारित हों। आरोप लगाकर भागना नहीं चाहिए। केवल झूठे बयानों से माहौल खराब करने की राजनीति बंद होनी चाहिए।

दिल्ली में प्रदर्शन और कॉकरोच नाम पर तंज
दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों और राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए प्रकाश पाल ने कहा कि जिन लोगों में अब चुनाव लड़कर जीतने की हिम्मत नहीं बची है, वे कॉकरोचों के सहारे राजनीति करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि कॉकरोच की तरह यदि ऐसे लोग खुद उलट जाएं तो सीधे भी नहीं हो पाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता महिला पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं को छुपाने और देश का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।

लोकसभा के चुनाव में ईवीएम कोई मुद्दा नहीं था
वहीं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूरा इंडी गठबंधन संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाकर भागने की राजनीति करता है। 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा की सीटें बढ़ीं तो अखिलेश यादव के लिए ईवीएम मुद्दा नहीं था और चुनाव आयोग निष्पक्ष एवं पारदर्शी संस्था था। त्रिपाठी ने कहा कि अब 2027 के विधानसभा चुनाव में हार दिखाई देने के कारण अखिलेश यादव पहले से ही बहाने तलाश रहे हैं और इसके लिए चुनाव आयोग को निशाना बना रहे हैं।

सपा सरकार में महिला अपराध के मामलों में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर था
डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा कि उनके मुंह से महिला सम्मान की बात अच्छी नहीं लगती। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामलों में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर रहा और इनकी सरकार में दुष्कर्म के आरोपी नेता मंत्री पद पर आसीन रहते थे।

महापुरुषों  से सीख नहीं लेते अखिलेश
भाजपा प्रवक्ता ने डॉ. राममनोहर लोहिया की जयंती पर अखिलेश यादव के बयानों को लेकर कहा कि विपक्षी नेता महापुरुषों की बातें तो करते हैं, लेकिन उनकी शिक्षाओं से सीख नहीं लेते। उन्होंने कहा कि जनता अखिलेश यादव की कथनी और करनी के अंतर को देख रही है और 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगी।

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