
जयपुर
जयपुर में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के तहत कई प्रमुख इलाकों में छापेमारी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। शहर के पॉश इलाके मालवीय नगर से लेकर रामनगर मेट्रो स्टेशन के आसपास के क्षेत्रों में की गई इस मल्टीपल रेड में पुलिस और आबकारी विभाग की प्रवर्तन टीम ने रिहायशी मकानों और कारों से विभिन्न ब्रांड्स की दर्जनों अवैध शराब की बोतलें जब्त की हैं। इस कार्रवाई के दौरान मौके से 4 लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के कड़े निर्देशों पर अंजाम दी गई इस अचानक कार्रवाई से शहर में अवैध तरीके से शराब की सप्लाई करने वाले नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
अलग-अलग लोकेशन, एक साथ छापेमारी
जानकारी के अनुसार, राजधानी के वीआईपी और रिहायशी इलाकों में अवैध शराब के भंडारण और कारों के जरिए की जा रही सप्लाई की गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं। इस इनपुट के आधार पर टीम ने प्लान बनाकर मालवीय नगर और रामनगर क्षेत्रों में एक साथ रेड मारी
रामनगर मेट्रो स्टेशन के पास कार से मिली शराब
पहली बड़ी सफलता रामनगर मेट्रो स्टेशन के पास मिली, जहां एक संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली गई। कार के भीतर से विभिन्न नामी ब्रांड्स की 36 बोतल अवैध शराब बरामद की गई। मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो कार के जरिए शहर में डिलीवरी देने की फिराक में थे।
मालवीय नगर के प्रधान मार्ग पर कार से धरपकड़
दूसरी कार्रवाई मालवीय नगर के प्रधान मार्ग पर की गई। यहां एक कार को इंटरसेप्ट कर जांच की गई, जिसमें से कई ब्रांड्स की अवैध शराब बरामद हुई। इस मामले में कार सवार आरोपी को हिरासत में लिया गया।
रिहायशी मकान में छिपाकर रखी थी 44 बोतलें
तीसरी और सबसे चौंकाने वाली कार्रवाई मालवीय नगर के ही मदर टेरेसा नगर में हुई। यहां एक रिहायशी मकान के अंदर अवैध शराब का गोदाम सा बनाया गया था। जांच टीम ने जब मकान की तलाशी ली, तो वहां से 44 बोतल विभिन्न ब्रांड की अवैध शराब जब्त की गई। इस ठिकाने से आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
उच्च अधिकारियों के सुपरविजन में कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई प्रशासनिक अधिकारियों आयुक्त नमित मेहता, जिला अधिकारी घनश्याम शर्मा और उपायुक्त जोन ज्ञान प्रकाश मीणा के स्पष्ट निर्देशों पर अंजाम दी गई। अधिकारी लखन मीणा के निकट सुपरविजन और पीओ नरेंद्र सिंह सांजू के नेतृत्व में पूरी टीम ने ग्राउंड पर एक्शन लिया।
टीम में इनका रहा विशेष योगदान
कार्रवाई को सफलता से अंजाम देने में जमादार धीरज सिंह के साथ सिपाही हर्ष वशिष्ठ, रामेश्वर लाल, राम और रिंकू चौधरी का विशेष योगदान रहा। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि वे यह अवैध शराब कहां से ला रहे थे और शहर में किन-किन जगहों पर इसकी सप्लाई की जानी थी।











