
नई दिल्ली
फेस्टिव सीजन में मिलावटी मिठाई, मावा, दूध, मसाले और तेल बेचने वालों पर नकेल कसने के लिए फूड सेफ्टी विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। खाने-पीने की चीजों के सैंपल की जांच में देरी रोकने के लिए विभाग सरकारी और प्राइवेट लैब को सूचीबद्ध कर रहा है।
फूड सैंपलों की यहां होगी जांच
इसके लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) से अधिसूचित और एनएबीएल से मान्यता प्राप्त लैब में भी फूड सैंपलों की जांच होगी। नई व्यवस्था के तहत लैब को सैपल मिलने के 2 से 5 दिनों में जांच रिपोर्ट देनी होगी।
जांच में देरी की आशंका
वहीं, गंभीर मामलों में 24 से 48 घंटे के भीतर शुरुआती रिपोर्ट देने का प्रावधान किया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग त्योहारों के दौरान विशेष जांच अभियान, अचानक छापेमारी, नियमित निगरानी और लोगों की शिकायतों के आधार पर खाद्य पदार्थों के सैंपल लेता है। ऐसे समय में सैंपल की संख्या बढ़ने से जांच में देरी की आशंका रहती है।
जांच का काम बांटने की योजना
इससे मिलावटी या असुरक्षित खाद्य पदार्थो की बिक्री पर समय रहते रोक लगाने में मुश्किल आती है। नई व्यवस्था में सरकारी और निजी लैब के बीच जांच का काम बांटने की योजना है। लैब को त्योहारों, आपात जांच अभियानों और जन शिकायतों से जुड़े सैंपल को प्राथमिकता देनी होगी, ताकि रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने और नियमानुसार कार्रवाई करने में देरी न हो।
क्या कहता है विभाग का सर्कुलर
विभाग के सर्कुलर के मुताबिक, दिल्ली में स्थित सूचीबद्ध लैब को विभाग की सूचना मिलने पर उसी दिन अपने खर्च पर सैंपल लेने की सुविधा भी देनी होगी। इससे सैंपल को लैब तक पहुंचाने में लगने वाला समय कम करने में मदद मिलेगी।
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विभाग ने लैब को दिए ये निर्देश
विभाग ने लैब को जांच के नतीजों की गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं। उसकी लिखित अनुमति के बिना जांच रिपोर्ट या संबंधित जानकारी किसी बाहरी व्यक्ति अथवा खाद्य कारोबार संचालक के साथ साझा नहीं की जा सकेगी।
असुरक्षित सैंपल की तुरत देनी होगी सूचना
अगर कोई खाद्य पदार्थ मिलावटी, तय मानको से कम गुणवत्ता वाला या स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाया जाता है, तो लैब को इसकी रिपोर्ट खाद्य सुरक्षा आयुक्त को सीधे भेजनी होगी। रिपोर्ट की हार्ड कॉपी भेजने के साथ निर्धारित पोर्टल पर भी जांच के नतीजे अपलोड करना होगा। इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने एफएसएसएआई के फूड सेफ्टी कंप्लायंस सिस्टम (FoSCOS) और इन्फोलनेट (INFOLNET) पोर्टल का उल्लेख किया है। कम समय में सटीक रिपोर्ट देने वाली लैब को प्राथमिकता देने की व्यवस्था भी की गई है।











