
मानसा.
पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के बाद सूबे में हड़कंप मच गया है। बुधवार को गुस्साए लोगों ने आरोपी की दुकान में आग लगा दी। वहीं, आरोपी केमिस्ट के घर पर बुलडोजर से कार्रवाई की गई है।
उधर, खडूर साहिब सीट से सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस मामले में मानसा जाने की योजना बना रहे कई लोगों को पुलिस हिरासत में ले रही है। तरसेम सिंह ने परमिंदर सिंह झोटा की हत्या पर दुख जताया और पंजाब सरकार पर नशीली दवाओं की तस्करी रोकने में नाकाम रहने और नशीली दवाओं के खिलाफ आवाज उठाने वालों को दबाने का आरोप लगाया।
आरोपी की दुकान में लगाई आग, मकान पर चला बुलडोजर
मानसा। पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या के बाद तनाव की स्थिति बन गई है। हत्या के आरोपी अश्विनी की दुकान में भीड़ ने आग लगा दी। वहीं, आरोपी के मकान को भी गिराया जा रहा है। पुलिस मौके पर मौजूद है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। आरोपी को मंगलवार को राजस्थान के चूरू से गिरफ्तार किया गया था।
आरोपी की दुकान में आग, मकान पर कार्रवाई
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद मानसा में लोगों का गुस्सा सामने आया। हत्या के आरोपी अश्विनी की दुकान को भीड़ ने आग के हवाले कर दिया। इसके बाद आरोपी के मकान को गिराने की कार्रवाई भी शुरू हुई। मौके पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी ने कहा कि पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर मौजूद है। प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सूचना मिलने के बाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसएसपी के अनुसार, अवैध निर्माण से जुड़ी जानकारी मिली थी और उसी संबंध में कार्रवाई की जा रही है।
मनजीत कौर ने पुलिस पर लगाए आरोप
इस बीच, 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह के सहयोगी सरदार गुरप्रीत सिंह की मददगार मनजीत कौर ने पुलिस पर उन्हें जबरन घर में रोके रखने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वह परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में मानसा जाने वाली थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां जाने से रोक दिया। मनजीत कौर ने बताया कि सुबह करीब 5.30 बजे पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और दरवाजा जोर-जोर से खटखटाने लगे। वहां करीब 15-16 पुलिसकर्मी और एक महिला पुलिसकर्मी मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों ने उनका नाम पूछा और बताया कि उन्हें ऊपर से आदेश मिले हैं तथा उन्हें थाने चलना होगा। मनजीत कौर ने बताया कि उन्होंने पुलिस से कार्रवाई का कारण पूछा, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने मोबाइल से घटनाक्रम रिकॉर्ड करने की कोशिश की तो पुलिसकर्मियों ने उनका फोन छीन लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी लगातार उन्हें एक सूची में नाम होने की बात कह रहे थे और धमकी भरे लहजे में बात कर रहे थे।











