मध्य प्रदेश

भोपाल में 24 घंटे में 7 इंच बारिश, कलियासोत-केरवा-कोलार डैम में बढ़ा पानी; 50+ इलाकों में जलभराव

भोपाल

भोपाल में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने के बाद कई जिलों में पिछले 24 घंटों में हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राजधानी भोपाल सहित सीहोर, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, खरगौन, रतलाम, मंडला और डिंडौरी समेत कई जिलों में भारी बारिश होने के कारण इसका जनजीनवन पर असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई जिले हाई अलर्ट पर हैं।

भोपाल में रविवार शाम से हो रही लगातार बारिश का असर जनजीवन पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। बारिश के कारण सोमवार को 12वीं तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई। हलांकि जिला प्रशासन ने छुट्टी का आदेश तब निकाला जब बारिश के बीच अधिकांश स्कूलों में बच्चे पहुंचना शुरु हो गए थे। वहीं प्रशासन के आदेश के बाद भी कई स्कूलों में पढ़ाई भी शुरु हो गई थी, जिसे बाद में छुट्टी करना पड़ा। 

वहीं भोपाल में रात से हो रही लगातार बारिश के शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। होशंगाबाद रोड, मिनाल रेसीडेंसी,  शाहपुरा तालाब के पास सड़क पर पानी भर गया। जलभराव के बीच वाहन चालकों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह घरों और सड़कों तक पानी पहुंच गया है। मंत्री विश्वास सांरग ने अपने विधानसभा क्षेत्र नरेला के जलभराव वाले इलाकों का दौरा कर नगर निगम और प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए। लगातार बारिश के बीच शहर की कई कॉलोनी में जलभराव देखने को मिल रहा है।

पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार सुबह 8 बजे तक भोपाल में 7 इंच, नर्मदापुरम में 4.84 इंच, रायसेन में 4.80 इंच, राजगढ़ में 4.41 इंच, पचमढ़ी में 3.43 इंच, नरसिंहपुर में 3.27 इंच और गुना में 2.99 इंच बारिश दर्ज की गई है।

इन जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

मौसम केंद्र के अनुसार सोमवार को राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अति भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों में कहीं-कहीं 8 इंच तक बारिश दर्ज की जा सकती है। प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने और बारिश से उत्पन्न होने वाली संभावित परिस्थितियों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।इसके अलावा उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, खंडवा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, जबलपुर, गुना, शिवपुरी और श्योपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।इन क्षेत्रों में तेज बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने, सड़कों पर पानी जमा होने और कुछ स्थानों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनी हुई है। सड़कों पर जलभराव से यातायात प्रभावित हुआ है और लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश में सक्रिय स्ट्रॉन्ग सिस्टम के कारण बारिश का दौर अभी थमने वाला नहीं है। अगले 24 घंटे कई इलाकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों को जलभराव वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। लगातार बारिश के बीच लोगों से भी निचले इलाकों और जलभराव वाले रास्तों पर अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की जा रही है।

कहां, कैसे हालात बने

  •     भोपाल-बैरसिया रोड स्थित ईंटखेड़ी के पास से गुजरी बाणगंगा नदी उफान पर आ गई। इस वजह से पुल के ऊपर से पानी बहने लगा। जिससे यह रास्ता बंद हो गया। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। हुजूर एसडीएम विनोद सोनकिया ने बताया कि एहतियान के तौर पर रास्ता बंद किया गया है।
  •     पुराने शहर के राजेंद्र नगर, शिव नगर, निशातपुरा, करोंद समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया। मंत्री विश्वास सारंग मौके पर पहुंचे और जल निकासी करवाई। घरों में पानी भरने से लोगों का खासा नुकसान हुआ है।
  •     वीआईपी रोड पर खानूगांव चौराहे के पास सुबह एक पेड़ गिर गया। इस वजह से दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जेपी हॉस्पिटल कैम्सप में भी पेड़ गिरा।
  •     पुराने शहर की वसुंधरा कॉलोनी में दो फीट तक पानी भर गया। कारें आधी डूब गईं।
  •     जेल रोड स्थित नयापुरा में एक श्मशान घाट के आसपास पानी भर गया।
  •     सांई बाबा रेसीडेंसी कैलाश नगर बैरागढ़ में एक फीट तक पानी भर गया। इस वजह से कॉलोनी के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
  •     कोलार रोड पर डी-मार्ट चौराहा स्थित जानकी अपॉर्टमेंट के बेसमेंट में पानी भर गया। यहां बिजली के मीटर तक पानी पहुंच गया। इस कारण करंट फैलने का खतरा रहा। निगम की दमकल की मदद से पानी बाहर निकाला जा रहा है।
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  • राजधानी भोपाल में पिछले 24 घंटे में करीब 7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इस सीजन में पहली बार इतना पानी गिरा। वहीं, साल 2025 में पूरे अगस्त महीने में गिरे 5 इंच से 2 इंच ज्यादा है। राहत लेकर आई बारिश आफत भी बन गई। पुराने शहर के 50 से ज्यादा इलाके जलमग्न हुए। 
  • भोपाल में शनिवार रात से बारिश शुरू हो गई थी, जो सोमवार दोपहर तक रुक-रुककर कभी तेज तो कभी हल्की हो रही है। लंबे समय बाद हुई बारिश की वजह से कोलार रोड, नारियलखेड़ा, शिव नगर, करोंद, बैरसिया रोड, गांधी नगर, होशंगाबाद रोड, अयोध्या बायपास, रायसेन रोड, बैरागढ़ समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया।
  • भोपाल के डैमों में बढ़ा पानी भोपाल में लगातार बारिश होने की वजह से जलस्रोतों में भी अच्छा पानी आ गया है। जानकारी के अनुसार, कलियासोत डैम में 1 फीट, केरवा में 3 फीट और कोलार डैम में 1 फीट पानी की बढ़ोतरी हुई है।

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