राजनीतिक

नंदीग्राम उपचुनाव से पहले शुभेंदु अधिकारी का अल्पसंख्यकों को संदेश, बोले- 6 अक्टूबर को होगा ‘टेस्ट’

कोलकाता
पश्चिम बंगाल की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट नंदीग्राम एक बार फिर देश की सियासत के केंद्र में है। 2011 में वाममोर्चा के 34 साल के शासन को उखाड़ फेंकने से लेकर 2026 में बीजेपी के सत्ता में आने तक, नंदीग्राम हमेशा से राज्य के राजनीतिक बदलाव की धुरी रहा है। अब 6 अक्टूबर को होने जा रहे उपचुनाव से पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने क्षेत्र के अल्पसंख्यक समुदाय को एक बड़ा संदेश देकर बहस छेड़ दी है।

भाजपा उम्मीदवार हसीरानी रथ के नामांकन से ठीक पहले एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सीधे तौर पर कहा, "जो लोग मुझे वोट नहीं देते, जो बीजेपी को वोट नहीं देते… मैं उन अल्पसंख्यकों से अपील करता हूं। आपके पास एक मौका आया है- आप सरकार के साथ रहना चाहते हैं या नहीं? अगर आप मुख्यमंत्री के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना चाहते हैं और अपने इलाके में काम कराना चाहते हैं, तो 6 अक्टूबर को रेजीनगर और नंदीग्राम में आपका असली टेस्ट है।"

इस सीधे संदेश के बाद नंदीग्राम के मुस्लिम बहुल इलाकों में रहने वाले आम लोगों और अल्पसंख्यक मतदाताओं क्या कहना आइए जानते हैं।

नंदीग्राम के अल्पसंख्यकों ने क्या कहा?
न्यूज18 बांग्ला की रिपोर्ट मुताबिक, शुभेंदु अधिकारी की अपील के बाद नंदीग्राम के स्थानीय मुस्लिम समुदाय की प्रतिक्रिया काफी दिलचस्प और सकारात्मक नजर आ रही है

जाहिदा परवीन कहती हैं, "हमें सरकार के साथ खड़ा होना ही पड़ेगा। सरकार हमारी जरूरतों को देख रही है और काम कर रही है।"

शेख आलम कहते हैं, "हमने 2026 के मुख्य चुनाव में भी 'दादा' (शुभेंदु अधिकारी) को वोट दिया था। अब उपचुनाव हो रहा है, तो इस बार भी हमारा वोट दादा को ही जाएगा।"

शेख अब्दुल्ला ने कहा, "मैं पहले भी उनके साथ था, आज भी हूं और आगे भी रहूंगा। क्षेत्र में विकास के काम अच्छे चल रहे हैं। अगर ऐसे ही काम होता रहा तो और भी लोग उनके साथ जुड़ेंगे। नंदीग्राम में शांति है और काम हो रहा है। हम चाहते हैं कि शुभेंदु जी ही मुख्यमंत्री बने रहें।"

अजमुल इस्लाम का कहना है, "सड़कों का निर्माण काम तेजी से चल रहा है। पहले सड़कों का काम अटका पड़ा था, लेकिन उनके आने के बाद काम तेजी से शुरू हुआ है। इस लिहाज से शुभेंदु जी बिल्कुल ठीक हैं।"

वहीं रुकशान बीबी ने बोला, "हम देश के नागरिक हैं, वोट देना हमारा फर्ज है। अगर सरकार हमारे भले के लिए काम कर रही है, तो हमें भी सरकार का साथ देना होगा।"

कैसा है नंदीग्राम का वोट गणित?
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, नंदीग्राम में चुनाव का गणित बेहद संवेदनशील और दिलचस्प है।

नंदीग्राम का ब्लॉक-1 अल्पसंख्यक बहुल इलाका माना जाता है।
SIR के बाद हाल ही में आई वोटर लिस्ट में नंदीग्राम से करीब 2,826 वोटरों के नाम कटे थे, जिनमें से लगभग 95.5 प्रतिशत (करीब 2,700 वोटर) मुस्लिम समुदाय से हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नंदीग्राम के 75% हिंदू वोटों का एक बड़ा हिस्सा बीजेपी के पक्ष में एकजुट हो सकता है। ऐसे में करीब 25% अल्पसंख्यक मतदाता ही यह तय करेंगे कि जीत का मार्जिन कितना बड़ा होगा।

ममता बनर्जी की पार्टी का प्रत्याशी मैदान से हटने और कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी के बीच शुभेंदु अधिकारी का यह "विकास और सरकार का साथ" देने का दांव नंदीग्राम में नया इतिहास रचता है या नहीं यह देखना होगा।

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