सपा के पीडीए का मतलब परिवार, धनबली और अपराधी: प्रकाश पाल

सपा के पीडीए का मतलब परिवार, धनबली और अपराधी: प्रकाश पाल
भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बोले- राज्यसभा प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही सपा का असली चेहरा उजागर
भाजपा हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने वाली इकलौती पार्टी, सपा के लिए कार्यकर्ता महत्वपूर्ण नहीं- प्रकाश पाल
लखनऊ
भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार एवं पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लंबे समय से एक बदनाम ब्रांड रही है।
राज्यसभा प्रत्याशी घोषित होते ही उजागर हुआ चरित्र
सपा पर निशाना साधते हुए प्रकाश पाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपनी पुरानी छवि के डर से अपना नाम खुलकर लेने से बचती है। इसलिए उसने पीडीए का मुखौटा पहन लिया। राज्यसभा प्रत्याशियों की घोषणा होते ही पार्टी का असली चरित्र जनता के सामने आ गया है। उन्होंने कहा, "सपा की प्राथमिकता में केवल परिवार और धनपशु शामिल हैं। यदि वे किसी तीसरे का चयन करते हैं, तो वह कोई अपराधी ही होता है।"
सपा के पीडीए की नई परिभाषा
प्रकाश पाल ने सपा के पीडीए की परिभाषा बदलते हुए कहा, "इनके पीडीए में पी से परिवार, डी से धनबली और ए से अपराधी है।" सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर प्रहार करते हुए उन्होंने आगे कहा, "आगामी चुनावों तक इनके पीडीए का नया रूप पैसा देने वाले आओ (पी- पैसा, डी- देने वाले, ए- आओ) ही रहने वाला है।"
भाजपा ने सभी वर्गों को दी उचित भागीदारी
राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा की चयन प्रक्रिया की प्रकाश पाल ने सराहना की। कहा कि भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा में समाज के हर वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के विजन पर चलते हुए सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और महिलाओं को समान रूप से भागीदारी दी गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र में मोदी और प्रदेश में योगी सरकार की समावेशी नीतियां पूरी तरह स्पष्ट और पारदर्शी हैं।











