योगी का पाकिस्तान पर तीखा हमला, मियानपुर का नाम बदलकर होगा रविंद्र नगर

लखनऊ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पाकिस्तान को लेकर बड़ा और तीखा बयान दिया. उन्होंने पाकिस्तान को पापी बताते हुए कहा कि जिस देश ने भारत का विभाजन कराया, वह खुद भी बंट चुका है और आगे भी उसके और टुकड़े होंगे. यह बात उन्होंने मियानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही, जहां उन्होंने बांग्लादेश से विस्थापित हिंदू परिवारों को भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र वितरित किए. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि मियानपुर गांव का नाम बदलकर अब रविंद्र नगर रखा जाएगा. यह नाम गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर के सम्मान में रखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह बदलाव गांव की पहचान को नई दिशा देगा और यहां बसे लोगों को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ेगा.
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत को बांटने का पाप किया और उसके बाद खुद भी विभाजित हो गया. उन्होंने आरोप लगाया कि वहां हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लिए कोई जगह नहीं है और इन समुदायों को वहां सजा झेलनी पड़ी. उन्होंने कहा कि भारत ही ऐसा देश है जिसने इन लोगों को सम्मान और सुरक्षा दी. मुख्यमंत्री ने बताया कि आज 1000 से ज्यादा ऐसे परिवारों को जमीन के अधिकार दिए जा रहे हैं, जो 1947 और 1971 के विभाजन के दौरान विस्थापित होकर यहां आकर बस गए थे. उन्होंने कहा कि इन परिवारों ने वर्षों तक बिना अधिकार के जीवन बिताया, लेकिन अब उन्हें उनका हक मिल रहा है.
मियानपुर का नाम बदलेगा, अब होगा रविंद्र नगर
उन्होंने कहा कि इन बंगाली बंधुओं की जमीन और संपत्ति को कुछ राक्षसों ने कब्जा लिया था, लेकिन अब सरकार उन्हें उनका अधिकार वापस दिला रही है. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि लखीमपुर, धौरहरा और मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्रों में 417 करोड़ रुपये की 213 परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया है. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 331 विस्थापित हिंदू परिवारों को भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र दिए. उन्होंने कहा कि आज इन परिवारों को उस जमीन का मालिकाना हक मिल रहा है, जिस पर वे दशकों से रह रहे थे. उन्होंने यह भी कहा कि यह काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास के संकल्प को दर्शाता है.
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले की सरकारों ने इन लोगों से वोट तो लिए, लेकिन उन्हें कभी जमीन का अधिकार नहीं दिया. उन्होंने कहा कि इनकी पहचान छिपाने के लिए गांव का नाम मियानपुर रखा गया था, जबकि यहां एक भी मियां नहीं था. अब इस गांव को रविंद्र नगर नाम दिया जाएगा और इसकी पहचान गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर से जोड़ी जाएगी, जिन्होंने भारत का राष्ट्रगान लिखा. मुख्यमंत्री ने बंगाल को भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर बताया. उन्होंने कहा कि इस साल वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिसे बंकिम चंद्र चटर्जी ने लिखा था. उन्होंने कहा कि यह गीत देशभक्ति और एकता का प्रतीक है.
विस्थापित परिवारों को मिला जमीन का मालिकाना हक
विभाजन का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1947 की त्रासदी इसलिए हुई क्योंकि देश बंट गया था और समाज में विभाजन पैदा हुआ था. उन्होंने कहा कि आज भी जो लोग जाति के नाम पर समाज को बांटते हैं, वो बहुत बड़ा पाप कर रहे हैं और देश के साथ विश्वासघात कर रहे हैं. उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर भी बात की. उन्होंने कहा कि जब वहां हिंदू, सिख, बौद्ध या जैन समुदाय के लोग प्रताड़ित होते हैं, तो उनकी उम्मीद भारत से ही होती है. वो न्याय और सुरक्षा के लिए भारत की तरफ देखते हैं.
मुख्यमंत्री ने भावुक अंदाज में कहा कि जब ये विस्थापित परिवार भारत आए थे, तब उनके पास टूटे हुए सपने और गहरा दर्द था. उन्होंने अपने घर और अपनों को पीछे छोड़ दिया था और अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग अपनी मर्जी से नहीं आए थे, बल्कि उन्हें मजबूर होकर अपना घर छोड़ना पड़ा था. उन्होंने कहा कि न तो बांग्लादेश और न ही पाकिस्तान ने इन लोगों को स्वीकार किया, क्योंकि वे हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन या पारसी थे. भारत ने ही उन्हें खुले दिल से अपनाया और उन्हें सम्मान दिया. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हिंदू समाज की सहिष्णुता की यही पहचान है कि यहां आने के बाद किसी ने इन लोगों से उनकी जाति या संप्रदाय नहीं पूछा. उन्हें अपनाया गया और समाज का हिस्सा बनाया गया.
कांग्रेस पर हमला, वोट लिए लेकिन अधिकार नहीं दिए
उन्होंने बताया कि लखीमपुर खीरी, गोला गोकर्णनाथ, धौरहरा और मोहम्मदी क्षेत्रों में करीब 1031 विस्थापित हिंदू और सिख परिवारों को 542 हेक्टेयर जमीन का मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. उन्होंने कहा कि पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर में करीब 65000 विस्थापित परिवार रह रहे हैं और सरकार उन्हें जमीन का अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री ने बताया कि इन परिवारों को सरकारी योजनाओं के तहत मकान, शौचालय, बिजली और पानी की सुविधा भी दी गई है. उन्होंने कहा कि सरकार इन लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है.
उन्होंने विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि आज 417 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ है और फरवरी 2025 में 1622 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू की गई थीं. उन्होंने कहा कि लखीमपुर राज्य का सबसे बड़ा कृषि जिला है, जिसे ‘लक्ष्मीपुर’ के रूप में भी जाना जाता है. उन्होंने बताया कि गोला गोकर्णनाथ में काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर एक कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जिसका 65 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. इससे पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
बांग्लादेश से आए परिवारों के दर्द और संघर्ष का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारें अपराध, दंगे और अराजकता के लिए जानी जाती थीं, जबकि वर्तमान सरकार विकास और कानून व्यवस्था पर ध्यान दे रही है. उन्होंने कहा कि अब एक जिला, एक माफिया की जगह एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज की पहचान बन रही है और लखीमपुर में मेडिकल कॉलेज भी बन चुका है. उन्होंने कहा कि गोला गोकर्णनाथ में भव्य कॉरिडोर बन रहा है, एयरपोर्ट का निर्माण जारी है और दुधवा नेशनल पार्क पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है. बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी काम किया जा रहा है.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यहां उगने वाले दुर्लभ केतकी फूल को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है. यहां की उपजाऊ जमीन में मेंथा, गन्ना, धान और गेहूं की खेती होती है. हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद सर्वे और मुआवजे के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की जनहानि होने पर 24 घंटे के भीतर आर्थिक सहायता दी जाएगी. पशुओं के नुकसान पर भी मुआवजा मिलेगा और फसल के नुकसान पर मंडी समितियों के माध्यम से राहत दी जाएगी. अगर किसी का घर नष्ट होता है, तो मुख्यमंत्री योजना के तहत आवास दिया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारें अपराध, दंगे और अराजकता के लिए जानी जाती थीं, जबकि वर्तमान सरकार विकास और कानून व्यवस्था पर ध्यान दे रही है.











