
जयपुर,
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि महिलाओं की तरक्की में सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना से धरातल पर सकारात्मक बदलाव सामने आने लगे हैं। आज देश के हर क्षेत्र में महिलाएं बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं। वर्ष 2014 के बाद से महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक नई चर्चा शुरू हुई है।
कर्नल राठौड़ रविवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित महिला सम्मान समारोह एवं परिचर्चा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार की योजनाओं से महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं। महिलाओं को उद्यम से जोड़ने के लिए उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं में अतिरिक्त सब्सिडी सहित अन्य प्रावधान किए गए हैं।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बड़ी भूमिका है। विकसित भारत-2047 के विजन में गांव-कस्बों में महिलाओं द्वारा चलाए जाने वाले छोटे-छोटे उद्यमों का महत्वपूर्ण योगदान होगा। आज औद्योगिक क्षेत्र में भी महिलाएं बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने सफल महिला उद्यमियों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक महिलाओं को प्रोत्साहित करें और उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से जोड़ें, ताकि सभी को इनका लाभ मिल सके।
महिलाओं को एक्सीलेंस अवार्ड, ऋण के चैक, स्वीकृति पत्र, भूमि आवंटन पत्र और विजेताओं को साईकिल—
कर्नल राठौड़ ने उद्यमी, खिलाड़ी और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 11 महिलाओं को एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया। विभाग में कार्यरत महिला कार्मिकों को भी विशेष कार्यों के लिए सम्मानित किया। साथ ही, एक शहीद आश्रित की पुत्री को उद्योग प्रसार अधिकारी पद के लिए नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया। योजनाओं के तहत 2 महिलाओं को ऋण के चेक, 9 महिलाओं को स्वीकृति पत्र और 2 महिलाओं को रीको के तहत भूमि आवंटन पत्र भी प्रदान किए गए। इस दौरान एक लाइव गेम का आयोजन किया गया, जिसमें एक ई-साइकिल और एक स्पोर्ट्स साइकिल प्रदान की गई। इससे पहले ओडीओपी नीति के तहत आईसीईएस की ‘कौशल वाहिनी- स्किल ऑन व्हील्स’ को झंडी दिखाकर शिल्पकारों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ किया।
राज्य सरकार की योजनाओं से मिला प्रोत्साहन, अब यूएसए से मिल रहे ऑर्डर—
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के लाभ प्राप्त करने वाले 10 उद्यमी महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के लाभ से काफी प्रोत्साहन मिला है। उद्योग शुरू करने में आर्थिक सहयोग के अलावा देश-विदेश में अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने पर भी अनुदान मिल रहा है। इस दौरान रान्जका गारमेंट की श्रीमती डेमा मित्तल ने कहा कि राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति से काफी लाभ मिला है। सरकार के सहयोग से यूएसए में अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का मौका मिला है, अब वहां से ऑर्डर मिल रहे हैं।
विभाग की महिला कार्मिकों को ही जिम्मेदारी—
महिला दिवस को ध्यान में रखते हुए इस आयोजन को और भी विशेष बनाने के लिए सारी जिम्मेदारी विभाग की महिला अधिकारियों को ही सौंपी गई है। आयोजन की पूर्व रूपरेखा तैयार करने के साथ ही पंजीकरण से लेकर स्टेज तक सारा कार्य महिला अधिकारियों द्वारा ही संपादित किया गया। रीको एमडी श्रीमती शिवांगी स्वर्णकार द्वारा स्वागत उद्बोधन और राजस्थान फाउंडेशन की आयुक्त श्रीमती मनीषा अरोड़ा द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
इस अवसर अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री शिखर अग्रवाल, आयुक्त सुरेश ओला सहित उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और राजस्थली की श्रीमती माया ठाकुर सहित अन्य महिला उद्यमी मौजूद रहे। साथ ही, फिक्की फ्लो की चैयरपर्सन डॉ. रिम्मी शेखावत, सीआईआई इंडियन वुमेन नेटवर्क की चैयरपर्सन सुश्री श्रद्धा अग्रवाल, आरसीसीआई यंग वुमेन एंटरप्रीन्योर की चैयरपर्सन सुश्री चांदनी जग्गा और लघु उद्योग भारती की राष्ट्रीय सचिव सुश्री अंजु सिंह ने भी संबोधित किया।











