
लुधियाना.
शुक्रवार दोपहर वृंदावन में दर्शन के लिए गए जगराओं जत्थे की नाव के केशी घाट और यमुना नदी में पलटने से हुई दस मौतों में से पांच मृतक जगराओं के ही रहने वाले थे। शुक्रवार देर रात वहां पोस्टमार्टम करवाने के बाद, प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पायलट वाहनों के साथ अलग-अलग एंबुलेंस में मृतकों के शव जगराओं भेजे।
जगराओं बस अड्डा चौक में मौजूद सैकड़ों शहरवासियों की उपस्थिति में शवों को उनके घरों तक पहुंचाया गया। इनमें मधुर बहल और उनकी मां कविता बहल, चाचा चरणजीत बहल और चाची पिंकी बहल, साथ ही ईशान कटारिया शामिल थे। हजारों शहरवासी उनके घरों पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। दोपहर में, शहर के श्मशान घाट में अलग-अलग समय पर उन सभी का अंतिम संस्कार किया गया। जहां बड़ी संखया में शहरवासी मौजूद थे।
मुखयमंत्री ने किया दुख साझा
मुखयमंत्री भगवंत मान इस बड़े दुखद हादसे के पीड़ितो के परिवारों का दुख साझा करने के लिए विशेष रूप से जगराओं पहुँचे। वह ईशान कटारिया के घर गए और उनके माता-पिता के साथ अपना दुख साझा किया। उसके बाद, वह चरणजीत बहल के घर पहुंचे और उनके बेटे तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अपना दुख साझा किया। इसके बाद, वह उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए शहर के श्मशान घाट भी पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस हादसे के पीडि़तों के परिवारों के साथ खड़ी है। इस हादसे में अभी भी 4 सदस्य लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है, और कुछ का इलाज चल रहा है। यह पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद, सरकार पीडि़त परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि यदि परिवार जगराओं में मृतकों की याद में किसी भी प्रकार का स्मारक या पुस्तकालय बनाने का निर्णय लेता है, तो सरकार उसे पूरा करेगी। इसके अलावा, मुखयमंत्री ने कहा कि भविष्य में ऐसी दर्दनाक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वे उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के संपर्क में हैं। सरकार से वहां श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने को कहा गया है; यदि पंजाब सरकार की ओर से किसी भी सहयोग की आवश्यकता होती है, तो सरकार वह सहयोग भी प्रदान करेगी।
ईशान को सिहरा बांधकर दी गई अंतिम विदाई
वृंदावन दुर्घटना में जान गंवाने वाले युवक ईशान कटारिया के परिवार में बेहद भावुक और हृदयविदारक माहौल था। जब अंतिम विदाई का समय आया तो ईशान कटारिया को सिहरा बांधकर विदाई दी गई। ईशान कटारिया के पिता, राजू कटारिया ने बताया कि ईशान उनका इकलौता बेटा था। पूरे परिवार का उससे बहुत गहरा लगाव था। ईशान ने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली थी और वह नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। इसके साथ ही, परिवार उसकी शादी की तैयारियां भी कर रहा था, लेकिन शायद ईश्वर को यह मंजूर नहीं था और उन्होंने इतनी कम उम्र में ही उसे हमसे छीन लिया।
कविता को लाल चुनरी ओढ किया विदा
इस हादसे में मधुर बहल और उनकी माकविता बहल की भी मौत हो गई। अंतिम विदाई समय मधुर बहल को सिहरा बांधा गया और उसकी मां कविका बहल को लाल चुनरी ओढ कर अंतिम विदाई दी गई। जब एक ही घर से मां बेटे की एक साथ अर्थी निकली तो हकाारों मौजूद लोगों की आंखे नम होने से नहीं रह्वह सकी।
पिता का भावुक पोस्ट
जगराओं का एक और युवक, ऋषभ शर्मा भी उन श्रद्धालुओं में शामिल है, जो वृंदावन यात्रा पर गए श्रद्धालुओं की नाव यमुना नदी में पलटने के बाद से अब भी लापता हैं। अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। उसके पिता, उमेश शर्मा ने वृंदावन से सोशल मीडिया पर एक अत्यंत भावुक पोस्ट साझा करते हुए, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से एक मार्मिक अपील की है। इस पोस्ट में उन्होंने कहा है कि उन्हें कोई गोताखोर नहीं मिल पाया है। अभी तक कोई भी उनके बेटे के बारे में कोई जानकारी हासिल नहीं है। उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि वे उनके बेटे ऋषभ को ढूंढकर उन्हें सौंप दें।










