
झज्जर.
शहर की सीवर व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब सीवर लाइनों की सफाई के लिए कर्मचारियों को जोखिम नहीं उठाना होगा, क्योंकि विभाग जल्द ही मैन्युअल सफाई की जगह आधुनिक मशीनों का उपयोग करेगा। इसके लिए विभाग ने मुख्यालय को तीन नई मशीनों की डिमांड भेजी है।
वर्तमान में शहर में 96 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछी हुई है, जबकि नई कालोनियों को मिलाकर करीब 105 किलोमीटर अतिरिक्त लाइन बिछाई जानी है। पुरानी सीवर व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण अक्सर ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है। इन नई मशीनों के आने से न केवल सफाई बेहतर होगी, बल्कि समय की भी बचत होगी।
इन तीन मशीनों से बदलेगी तस्वीर
1. हाइड्रोलिक जेट्टिंग कम सक्शन मशीन: यह मशीन हाई-प्रेशर पानी और शक्तिशाली वैक्यूम का उपयोग करती है। यह एक साथ सीवर से कीचड़ सोखने और रुकावटों को साफ करने में सक्षम है।
2. जेट्टिंग मशीन: यह 3,500 पीएसआइ के दबाव से पानी छोड़कर पाइपों में फंसी गाद और मलबे को काट देती है।
3. रोडिंग सीवर मशीन: इसमें स्टील केबल और कटर ब्लेड लगे होते हैं, जो पाइप के अंदर जमी जड़ों और कठोर मलबे को जड़ से खत्म कर देते हैं। इसके बाद पारंपरिक 'फट्टी' मारने की जरूरत नहीं होगी।
कर्मचारियों को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग
विभागीय सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में उपलब्ध मशीनें पुरानी हो चुकी हैं। नई मशीनें मिलने के बाद इन्हें चलाने के लिए संबंधित कर्मचारियों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। मुख्यालय स्तर पर प्रदेशभर के लिए होने वाली खरीद में झज्जर को ये तीन मशीनें मिलने की पूरी उम्मीद है। कुल मिलाकर, इनके आने से मैन्युअल लेबर पर निर्भरता कम होगी और सफाई कार्य प्रभावी ढंग से हो सकेगा।











