बिहार-झारखण्‍डराज्य

बिहार पुलिस के जवानों को हर रोज लगानी होगी दौड़, लापरवाही रवैया और ‘अनफिट’ पर होगा एक्शन

भागलपुर.

बिहार पुलिस सुनते ही एक तस्वीर उभरती थी- थुलथुल काया और उस पर वर्दी। अब यह तस्वीर बदलने वाली है। अब बिहार पुलिस के जवान और पदाधिकारी स्मार्ट दिखेंगे। चुस्त-दुरुस्त काया और उस पर सलीके से पहनी हुई वर्दी। पुलिस मुख्यालय ने अब स्मार्ट पुलिसिंग के लिए पुलिस जवान और अधिकारियों को स्मार्ट बनाने का निर्णय लिया है।

जी हां, अब पुलिस जवान और आफिसरों की प्रत्येक दिन सुबह में पुलिस केंद्र के मैदान पर हाजिरी लगेगी, जहां वे अपने बाडी को फिट रखने के लिए एक घंटे तक पसीना बहाएंगे। रेंज के भागलपुर, नवगछिया और बांका के पुलिस केंद्र में सिंथेटिक ट्रैक बनाया जाएगा। सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ लगा कर पुलिस जवान और अधिकारी थुलथुल काया से निजात पाकर खुद को फिट बनाएंगे।

लापरवाह पुलिस कर्मियों पर होगी कार्रवाई
अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले सिंथेटिक ट्रैक मुहैया कराने को हरी झंडी मिल गई है। बहुत जल्द सारी सुविधाएं पुलिस मुख्यालय पुलिस केंद्र में मुहैया करा दी जाएगी। पुलिस केंद्र में अब सिर्फ जिम खोलना ही मकसद नहीं है, बल्कि रोजाना जवानों को वहां उपस्थित हो वर्क-आउट भी करना है, जिसकी मानीटरिंग एसएसपी, एसपी, डीएसपी, सार्जेंट मेजर करेंगे। सुबह यदि पुलिसकर्मी बैरक या क्वार्टर में रहकर खर्राटे लेते रहेंगे या आराम तलबी दिखाएंगे तो उनका यह कृत्य लापरवाही की श्रेणी में लाया जाएगा और उनपर जांच के बाद दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

वरीय पुलिस पदाधिकारी भी पहुंचने लगे हैं अभ्यास में
भागलपुर रेंज में जवानों की संख्या करीब चार हजार है। जिसमें हवलदार, सहायक अवर निरीक्षक, अवर निरीक्षक, इंस्पेक्टर को जोड़ दें तो यह संख्या पांच हजार के पार हो जाएगी। भागलपुर में जहां एसएसपी प्रमोद कुमार यादव, सिटी एसपी शैलेंद्र कुमार समेत कई पदाधिकारी भी नियमित अभ्यास में पुलिस जवानों के बीच पहुंच रहे हैं। नवगछिया और बांका जिले में भी कमोवेश सक्षम पुलिस अधिकारियों की ऐसी उपस्थिति जवानों को इस दिशा में प्रोत्साहित करेगी।

वजन होगा कम, मांसपेशियों को मिलेगी मजबूती
पालीयूरेथेन या लैटेक्स से तैयार की जाने वाली सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ने से कई फायदे होते हैं। इस पर दौड़कर पुलिसकर्मी न सिर्फ अपनी वजन कम कर सकेंगे बल्कि उनकी मांसपेशियां भी मजबूत बन जाएगी। बैड कालेस्ट्रोल से उन्हें मुक्ति मिलेगी। उच्च रक्तचाप, हृदय स्वास्थ्य में भी सुधार आएगा। सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ते समय यदि पुलिसकर्मी गिर जाएं तो भी उन्हें चोटें कम आएगी।

पुलिस मुख्यालय की तरफ से अभिनव प्रयोग
चुस्त-दुरुस्त शरीर स्मार्ट पुलिसिंग का सबसे प्रमुख हिस्सा है। पुलिसकर्मी-पदाधिकारियों की टीम तभी बेहतर प्रदर्शन कर सकती जब वो पूरी तरह फिट और चुस्त-दुरुस्त हों। पुलिस मुख्यालय की तरफ से यह अभिनव प्रयोग पुलिसिंग को और बेहतर बना देगा।
– विवेक कुमार, रेंज आईजी, भागलपुर।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button