AI बना साइबर अपराधियों का नया हथियार, भारतीय बैंकों पर मंडरा रहा है बड़ा खतरा

नई दिल्ली
भारतीय साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In ने एक बड़ा खुलासा किया है, जिसमें बताया है कि हैकर्स आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का इस्तेमाल कर रहे हैं. एजेंसी ने साइबर अटैक को लेकर बैंकिंग सेक्टर को चेतावनी दी है. ये जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स से मिली है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही के दिनों में बैंक, गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों (NBFCs) और अन्य वित्तीय कंपनियों को चेतावनी दी है. बैंकिंग सेक्टर को निशाना बनाकर किए जाने वाले साइबर हमलों में तेजी आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय एजेंसी I4C ने बुधवार को जारी की गई एक एडवाइजरी में कहा है कि ये हमले वित्तीय लाभ के उद्देश्य से किए जा रहे हैं. इनमें हैकर्स AI एजेंट्स की मदद ले रहे हैं, जिसकी वजह से सिस्टम को मशीन की स्पीड से निशाना बना रहा है।
दुनियाभर में चल रही है तैयारी
दुनियाभर में AI से होने वाले खतरों से बचाव के लिए तैयारी चल रही हैं. अमेरिका, ब्रिटेन समेत दुनियाभर में कई देश AI रेगुलेशन और इससे होने वाले खतरे को कम करने के लिए कोशिश कर रहे हैं।
भारत के कई ऑर्गनाइजेशन के लाइव सिस्टम में सेंध
रिपोर्ट में बताया है कि टेस्टिंग के दौरान AI मॉडल भारत के कई ऑर्गनाइजेशन के लाइव सिस्टम में सेंध लगाई. फिर बिना किसी की नजर में आए गोपनीय रिकॉर्ड पढ़ने में सफल रहे थे।
साइबर घटनाओं में तेजी
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में पिछले कुछ सप्ताह के दौरान साइबर घटनाओं में तेजी देखी गई है. देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टैंट बैंक (SBI) के 3900 कस्टमर के डेटा लीक हुआ था।
आउटडेटेड सॉफ्टेवयर की वजह से परेशानी
एक्सपर्ट के मुताबिक, हैकर्स अक्सर बिना अपडेट गए सॉफ्टवेयर या गलत तरीके से कॉन्फिगर किए गए आइटी सिस्टम का फायदा उठाकर इंफ्रास्ट्रक्चर में सेंध लगाते हैं. फिर वे ऑटोमेटेड फंड डिस्टबर्समेंट सिस्टम या पेमेंट और फंड ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल होने वाले एप्लीकेशन प्रोग्राम इंटरफेस (API) को निशाना बनाते हैं।











