एनएमडीसी ने बैलाडीला क्षेत्र की 17 ग्राम पंचायतों में 47 करोड़ रुपये की सीएसआर आधारभूत संरचना परियोजनाएं आरंभ की

एनएमडीसी ने बैलाडीला क्षेत्र की 17 ग्राम पंचायतों में 47 करोड़ रुपये की सीएसआर आधारभूत संरचना परियोजनाएं आरंभ की
दंतेवाड़ा
एनएमडीसी लिमिटेड ने छत्तीसगढ़ जिला दंतेवाड़ा के बैलाडीला क्षेत्र की 17 ग्राम पंचायतों को कवर करते हुए अपने नैगम सामाजिक दायित्व कार्यक्रम के तहत लगभग 47 करोड़ रुपये की सिविल और विद्युत आधारभूत संरचना परियोजनाएं आरंभ की हैं।
वर्तमान में ये कार्य कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं, जिनमें से कुछ कार्य पूर्व में ही पूर्ण किए गए हैं और इन का उपयोग भी स्थानीय निवासियों द्वारा किया जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य एनएमडीसी के खनन क्षेत्रों के आस-पास के समुदायों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करना तथा उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है, मुख्य रूप से ग्रामीण सड़क पहुंच, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, आदिवासी सांस्कृतिक व धार्मिक स्थलों के संरक्षण और सार्वजनिक सुदृढ़ प्रकाश व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित कर निवेश किया जा रहा है।"
सीएसआर कार्यों में ग्रामीण सड़कों को बेहतर बनाने के लिए सीमेंट कंक्रीट (सीसी) सड़कों का निर्माण तथा आदिवासी देवताओं को समर्पित पारंपरिक पूजा स्थलों 'देव गुडिस 'की चारदीवारी का निर्माण शामिल है।इस चारदीवारी का उद्देश्य इन महत्वपूर्ण सामुदायिक स्थलों को संरक्षित रखना है ।
एनएमडीसी पेय जल की सुलभता के लिए जल भंडारण टैंकों सहित सौर ऊर्जा से चलने वाले डुयल-पंप सिस्टम स्थापित कर रहा है।
विद्युत कार्यों में सार्वजनिक स्थानों और गांवों की सड़कों पर रोशनी की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हाई-मास्ट लाइट और स्ट्रीट लाइट लगाना शामिल है।
कृष्ण कुमार ठाकुर, निदेशक (कार्मिक) एनएमडीसी ने कहा, कि "एनएमडीसी अपने खनन कार्यों के आसपास के आदिवासी समुदायों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन पहलों के माध्यम से, हमारा लक्ष्य आधारभूत संरचना की कमियों को दूर करना, सड़क संपर्क में सुधार करना, पेय जल सुलभ कराना तथा गांवों में बेहतर रोशनी प्रदान करना है, ताकि लोग अपने दैनिक जीवन में विकास का अनुभव कर सकें।"
इस पहल के तहत सम्मिलित कुल 17 ग्राम पंचायतें यथा बड़े कामेली, बासनपुर, भांसी, गामावाड़ा, दुगेली, गंजीनेर, झिरका, मसेनार, मोलासनार, बड़े बचेली, कमलूर, पोरो कमेली, चोलनार, नेरली, धुरली, हिरोली और समलवार सम्मिलित हैं ।
एनएमडीसी इन सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से, ग्रामीण विकास और स्थानीय आदिवासी परंपराओं व सामुदायिक संस्थानों के संरक्षण में योगदान देने के साथ-साथ अपने बचेली प्रचालनों के आसपास के गांवों में आवश्यक आधारभूत सुविधाए प्रदान करना चाहता है ।











