
चंडीगढ़
हरियाणा रोडवेज में 500 पूर्ण निर्मित डीजल इंजन वाली नॉन-एसी बसें शामिल होंगी। यह बसें नवीनतम बीएस-VI उत्सर्जन मानकों के अनुरूप होंगी। इसके अलावा 24 पूर्ण निर्मित डीजल इंजन वाले ट्रक और डीजल एग्जास्ट फ्लूइड की खरीद की जाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हाई पावर्ड परचेज कमेटी और हाई पावर्ड वर्क्स परचेज कमेटी की बैठक में कुल नौ प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बोलीदाताओं से मोल-भाव कर करीब 12 करोड़ रुपये बचाए गए।
गुरुग्राम में बनेंगे फ्लाईओवर
गुरुग्राम में बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने और शहर की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए सेक्टर-45-46 और 51-52 के चौराहे पर फ्लाईओवर, सेक्टर-85-86 और 89-90 के चौराहे पर फ्लाईओवर तथा सेक्टर-27-29 और 43-44 के चौराहे पर अंडरपास का निर्माण किया जाएगा।
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल और लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री रणबीर गंगवा बैठक में शामिल थे। जींद जिले के गांव हैबतपुर में निर्माणाधीन संत शिरोमणि श्री धन्ना भगत जी राजकीय मेडिकल कॉलेज के लिए फर्नीचर की खरीद होगी।
रोहतक स्थित स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में टाइप-II (जी 6) के 1300 वर्ग फुट के शिक्षक आवासों के शेष निर्माण कार्य को भी स्वीकृति दी गई है।
रेलवे ओवरब्रिज का होगा निर्माण
पानीपत में जीटी रोड से डाहर होते हुए एनएच-709 तक मौजूदा रेलवे ओवरब्रिज के समानांतर नए रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई है। इससे रेलवे लाइन के कारण यातायात पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में कुल सात प्रस्ताव रखे गए, जिनकी लागत 351.46 करोड़ रुपये थी। इनमें से चार मामलों को री-टेंडर करने का निर्णय लिया गया, जबकि तीन प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया गया।
इन तीन प्रस्तावों की मूल अनुमानित लागत 208.91 करोड़ रुपये थी। बोलीदाताओं के साथ बातचीत के बाद इन्हें 201.51 करोड़ रुपये में अंतिम रूप दिया गया, जिससे लगभग 7.40 करोड़ रुपये की बचत हुई।
हाई पावर्ड वर्क्स परचेज कमेटी की बैठक में कुल सात प्रस्ताव रखे गए, जिनकी अनुमानित लागत 250.36 करोड़ रुपये थी। इनमें से एक मामले को री-टेंडर करने का निर्णय लिया गया, जबकि छह प्रस्तावों के कार्यों को अंतिम रूप दिया गया, जिनकी अनुमानित लागत 227.74 करोड़ रुपये थी।
बोलीदाताओं के साथ नेगोसिएशन के बाद इन कार्यों को 223.18 करोड़ रुपये में अंतिम रूप दिया गया, जिससे लगभग 4.56 करोड़ रुपये की बचत हुई।











