सरदार पटेल के आदर्शों पर चलकर सुरक्षित, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण हमारा संकल्प – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की चौथी वाहिनी, माना में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा मुख्य रूप से शामिल हुए। उन्होंने परेड की सलामी ली, मार्च पास्ट का अवलोकन किया तथा उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व से 560 से अधिक देशी रियासतों का भारतीय संघ में एकीकरण कर अखंड भारत की आधारशिला रखी। उनका जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्रीय एकता केवल भौगोलिक सीमाओं का एकीकरण नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्र के प्रति विश्वास, समर्पण और साझा जिम्मेदारी की भावना का निर्माण भी है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के आदर्श आज भी देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देते हैं।
नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता, बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस का यह अवसर छत्तीसगढ़ के लिए विशेष महत्व रखता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। एक समय देश के 126 जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित थे। आज केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद के प्रभाव को समाप्त करने की दिशा में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि कभी नक्सली हिंसा और भय से प्रभावित रहे बस्तर के दूरस्थ अंचलों में आज शांति, सुरक्षा और विकास की नई उम्मीद जगी है। हमारे वीर जवानों ने कठिन परिस्थितियों में अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए बस्तर में शांति स्थापना की मजबूत आधारशिला रखी है। यह सफलता केवल सुरक्षा बलों की उपलब्धि नहीं, बल्कि बस्तर की जनता के विश्वास, सहयोग और शांति की आकांक्षा का भी परिणाम है।
गृह मंत्री शर्मा ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल नक्सलवाद का अंत करना नहीं, बल्कि बस्तर के प्रत्येक गांव तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के अवसर पहुंचाना है। बस्तर के जनजातीय समुदायों की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बस्तर के नागरिक केवल विकास योजनाओं के लाभार्थी नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र के शांतिपूर्ण, समृद्ध और उज्ज्वल भविष्य के प्रमुख भागीदार हैं।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने जिस अखंड, सशक्त और एकजुट भारत का स्वप्न देखा था, उसे साकार करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने आह्वान किया कि राष्ट्रीय एकता दिवस पर हम सभी शांति, सुरक्षा, सामाजिक समरसता और विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश के विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करने का संकल्प लें।
उप मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, छायाचित्र प्रदर्शनी का किया अवलोकन
राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सली हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों की स्मृति में लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने शहीद जवानों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके सर्वाेच्च बलिदान को नमन किया। प्रदर्शनी में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान पुलिस बल की कार्यप्रणाली, जवानों के शौर्य, साहस और बलिदान के साथ पुलिस विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी गतिविधियों को भी प्रदर्शित किया गया। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि बस्तर में स्थापित हो रही शांति के पीछे हमारे वीर जवानों का अदम्य साहस, त्याग और बलिदान है। देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले शहीदों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
गुजरात के एकता नगर में छत्तीसगढ़ के वीर जवानों ने दिखाया शौर्य, अनुशासन और पराक्रम
समारोह के दौरान गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड के सीधे प्रसारण का भी सामूहिक अवलोकन किया गया। इस राष्ट्रीय परेड में वामपंथी उग्रवाद का मुकाबला करने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के जवानों ने अपने अनुशासन, साहस और समर्पण का प्रदर्शन किया।
इस ऐतिहासिक परेड में छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों ने भी भाग लेकर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। परेड में छत्तीसगढ़ पुलिस के डीएसपी बृज किशोर यादव ने टू-आईसी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। डीएसपी सु अमृता पैंकरा के नेतृत्व में बस्तर फाइटर्स की महिला कमांडो, डीएसपी कुलदीप बंजारे के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) तथा डीएसपी ओमप्रकाश सिंह के नेतृत्व में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के जवानों ने मार्च पास्ट में भाग लिया। नक्सल विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन बलों की राष्ट्रीय स्तर पर सहभागिता छत्तीसगढ़ के लिए विशेष गौरव का अवसर रही।
नाट्य मंचन में जीवंत हुई नक्सलवाद के विरूद्ध संघर्ष से शांति और विकास तक की यात्रा
राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष और शांति स्थापना की यात्रा पर आधारित विशेष नाट्य प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही। नाट्य मंचन में नक्सलवाद के उदय, उसके कारण उत्पन्न परिस्थितियों, सुरक्षा बलों के साहसिक अभियानों, वीर जवानों के बलिदान तथा जनता की भावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसमें छतीसगढ़ के बस्तर के युवा भी कलाकार के रूप में शामिल हुए। प्रस्तुति के माध्यम से वामपंथी उग्रवाद के भय और हिंसा से निकलकर शांति, विश्वास और विकास की ओर बढ़ने की यात्रा को जीवंत किया गया। उपस्थित जनसमूह ने इस भावपूर्ण प्रस्तुति की सराहना की। माना पुलिस ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों और आम नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी एवं मोतीलाल साहू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता एवं अमित कुमार, पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग सहित पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, शहीद जवानों के परिजन, स्कूली बच्चे तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।











