
चंडीगढ़.
पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पंजाब कांग्रेस के सभी सांसदों को दिल्ली बुलाया है। यह बैठक 31 अक्टूबर को सुबह 11 बजे होगी। इसमें आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति, राज्य में पार्टी की मौजूदा स्थिति और संगठन को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।
बैठक में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी समेत राज्य के अन्य कांग्रेस सांसदों के शामिल होने की उम्मीद है। कांग्रेस हाईकमान की इस पहल को पंजाब में चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी के सामने अगले विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को सक्रिय करने, नेताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने और जनता के बीच अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने की चुनौती है। बैठक में इन मुद्दों पर सांसदों से फीडबैक लिया जा सकता है। इसके साथ ही राहुल गांधी की पंजाब में प्रस्तावित रैली की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श होगा।
31 अक्टूबर को दिल्ली में जुटेंगे पंजाब कांग्रेस के सांसद
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से बुलाई गई बैठक में पंजाब के सभी पार्टी सांसदों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। शनिवार सुबह 11 बजे होने वाली इस बैठक में राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों और आगामी चुनाव की तैयारियों पर चर्चा होगी। बैठक में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के साथ पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, डॉ. अमर सिंह और डॉ. सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत अन्य सांसदों के शामिल होने की उम्मीद है। हाईकमान इस बैठक के जरिए पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों में पार्टी की स्थिति, संगठन की गतिविधियों और आगामी चुनाव को लेकर सांसदों के सुझाव जान सकता है। सांसदों के पास अपने संसदीय क्षेत्रों से जुड़ी राजनीतिक परिस्थितियों और जनता के मुद्दों की जानकारी होती है। ऐसे में चुनावी रणनीति तैयार करने से पहले उनका फीडबैक महत्वपूर्ण हो सकता है। बैठक में पार्टी की राज्य इकाई और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, बैठक के एजेंडे में किसी प्रदेश अध्यक्ष को बदलने या नेतृत्व में फेरबदल का कोई आधिकारिक फैसला घोषित नहीं किया गया है।
राहुल गांधी की संगरूर रैली की तैयारियों पर होगा मंथन
पंजाब कांग्रेस की बैठक में राहुल गांधी की 4 नवंबर को संगरूर में प्रस्तावित रैली भी महत्वपूर्ण मुद्दा रहेगी। इस कार्यक्रम में पंजाब के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा हो सकती है। पार्टी के लिए यह रैली केवल एक सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य में संगठनात्मक सक्रियता दिखाने का अवसर भी है। इसमें प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को लेकर तैयारी की जा सकती है। कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में पार्टी के कार्यक्रमों को गति मिले और विभिन्न स्तरों के नेताओं के बीच बेहतर तालमेल बने। संगरूर की रैली के माध्यम से राहुल गांधी पंजाब के राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रख सकते हैं। बैठक में रैली की तैयारियों, नेताओं की जिम्मेदारियों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है।
एक नवंबर की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली भी एजेंडे में
कांग्रेस की एक नवंबर को दिल्ली में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम को लेकर भी पार्टी के सांसदों और वरिष्ठ नेताओं के बीच चर्चा होनी है। कांग्रेस नेतृत्व ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाए हैं। पार्टी की ओर से इन मुद्दों को लेकर देशभर में राजनीतिक कार्यक्रम किए जा रहे हैं। एक नवंबर की रैली भी इसी अभियान का हिस्सा है। पंजाब कांग्रेस के नेताओं को फिलहाल संगरूर में राहुल गांधी की प्रस्तावित रैली को देखते हुए दिल्ली के कार्यक्रम में शामिल होने से छूट दी गई है। ऐसे में पंजाब के नेताओं की प्राथमिकता राज्य में होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों पर रह सकती है। इसके बावजूद कांग्रेस हाईकमान की ओर से बुलाई गई बैठक में राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक अभियान और पंजाब की चुनावी रणनीति के बीच तालमेल बनाने पर चर्चा हो सकती है।











