जोधपुर में ‘तरंग शक्ति-2026’ का दमदार प्रदर्शन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बढ़ाया वायुसेना के जवानों का उत्साह

जयपुर
राजस्थान की सामरिक और ऐतिहासिक धरा जोधपुर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सैन्य शक्ति का गवाह बनी है, जहां शनिवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशेष दौरे पर जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे। एयरबेस पहुंचने पर भारतीय वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों ने उनकी औपचारिक अगवानी की और भव्य स्वागत किया। रक्षा मंत्री ने यहां आयोजित बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास 'तरंग शक्ति-2026' के मुख्य कार्यक्रम में शिरकत की और युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रही विभिन्न मित्र राष्ट्रों की वायुसेनाओं के अधिकारियों और जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन से राजस्थान की सीमावर्ती सुरक्षा और भारतीय वायुसेना की वैश्विक साख को एक नया आयाम मिला है।
जोधपुर एयरबेस पर 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक आयोजित हो रहे इस विशाल युद्धाभ्यास में दुनिया भर के 8 देशों की वायुसेनाएं एक साथ मिलकर अपनी हवाई मारक क्षमता और युद्ध कौशल का प्रदर्शन कर रही हैं। इसके साथ ही विश्व के 32 से अधिक देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधि इस अभ्यास के पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हुए हैं। एक साथ कई महाद्वीपों की वायुसेनाओं को एक ही मंच पर अभ्यास करते देख रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की और इसे अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग तथा वैश्विक सैन्य समन्वय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
सारंग टीम के हैरतअंगेज हवाई करतब
'तरंग शक्ति-2026' युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध 'सारंग' हेलीकॉप्टर एरोबैटिक टीम ने आसमान में सांसें थाम देने वाले हैरतअंगेज करतब दिखाए। सारंग टीम के पायलटों की सटीकता और कौशल को देखकर वहां मौजूद देश-विदेश के सैन्य प्रतिनिधि और दर्शक दंग रह गए। लड़ाकू विमानों की गर्जना और हेलीकॉप्टरों के जटिल फॉर्मेशन ने पूरे जोधपुर एयरबेस के माहौल को देशभक्ति और सैन्य शक्ति के रोमांच से भर दिया।
रक्षा मंत्री ने सारंग टीम के प्रदर्शन की सराहना की और विदेशी प्रतिनिधियों के सामने भारतीय वायुसेना के इस गौरवशाली प्रदर्शन को भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता का बड़ा प्रमाण बताया। इस अभ्यास के जरिए भारतीय वायुसेना और मित्र देशों की वायुसेनाओं के बीच जटिल सामरिक परिदृश्यों में संयुक्त प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है।
32 देशों के पर्यवेक्षक और मजबूत होता अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग
जोधपुर में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न रक्षा संस्कृतियों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाना, संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता विकसित करना और आधुनिक हवाई युद्ध रणनीतियों का आदान-प्रदान करना है। 32 से अधिक देशों के सैन्य पर्यवेक्षकों की मौजूदगी यह साबित करती है कि वैश्विक मंच पर भारत एक विश्वसनीय और शक्तिशाली रक्षा साझेदार के रूप में उभरा है।
कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विदेशी सैन्य अधिकारियों के साथ औपचारिक बातचीत की और वैश्विक शांति तथा रणनीतिक स्थिरता में संयुक्त अभ्यासों की भूमिका पर चर्चा की। निर्धारित कार्यक्रम के समापन के बाद रक्षा मंत्री दोपहर बाद जोधपुर एयरपोर्ट से विशेष विमान द्वारा वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गए।











