
चंडीगढ़.
पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठन की स्थिति और नेताओं के बीच समन्वय को लेकर इसी सप्ताह कांग्रेस हाईकमान को अपनी रिपोर्ट सौंप सकते हैं। पायलट के पंजाब दौरे के बाद अब कांग्रेस में आगे के अभियान की तैयारियों को लेकर गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
माना जा रहा है कि पायलट की रिपोर्ट के आधार पर पंजाब कांग्रेस के लिए आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी। सचिन पायलट की ओर से अभी तक पंजाब के सभी लगभग नेताओं से मीटिंग की जा चुकी है पायलट ने नया पदभार संभालने के बाद से ही पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेना शुरू कर दिया है।
गेम चेंजर हो सकते हैं सचिन पायलट?
कांग्रेस ने भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब का महासचिव बनाकर एक समझदारी भरा कदम उठाया है। इससे कांग्रेस नेतृत्व की राज्य स्तरीय पार्टी इकाई में व्याप्त फूट को दूर करने की गंभीरता का संकेत मिलता है, जो आगामी विधानसभा चुनावों में उसकी संभावनाओं को कमजोर कर सकती है। 49 वर्षीय पायलट को राहुल गांधी का पूरा भरोसा प्राप्त है , राष्ट्रीय स्तर पर उनकी अच्छी प्रतिष्ठा है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पंजाब में पार्टी के सभी गुटों ने उनका स्वागत किया है।











