भोपाल के 10 बड़े होटल-रेस्टोरेंट की रसोई में छापा, सड़े आलू-एक्सपायरी मांस और कीड़े मिले

भोपाल
आप जिन महंगे और नामी होटलों में स्वादिष्ट खाने की उम्मीद लेकर जाते हैं, उनकी रसोई का सच आपको हैरान कर सकता है। भोपाल के खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर के 10 बड़े होटलों और रेस्टोरेंट की किचन में जब अचानक दबिश दी, तो वहां भारी अनियमितताएं सामने आईं।
रिपोर्ट के अनुसार, जांच टीम को कहीं एक्सपायरी डेट का मांस मिला, तो कहीं दाल में कीड़े रेंगते नजर आए। मशहूर होटल रेडीसन में 50 किलो सड़े हुए आलू बरामद हुए, जिन्हें टीम ने मौके पर ही नष्ट करवा दिया। वहीं, कुछ गिने-चुने प्रतिष्ठानों में ही साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। विभाग ने तीन जगहों से संदिग्ध खाद्य पदार्थों के सैंपल भी जांच के लिए भेजे हैं।
रेडीसन और टर्क्वाइज हॉस्पिटैलिटी में मिलीं गंभीर खामियां
शहर के प्रतिष्ठित होटल रेडीसन की रसोई में टीम को करीब 50 किलो सड़े आलू मिले। हालांकि, प्रबंधन ने सफाई देते हुए कहा कि इन्हें वेंडर को वापस लौटाने के लिए रखा गया था। इसके अलावा यहां हनी ब्रेड के 4 पैकेट मिस-ब्रांडेड पाए गए, जबकि फ्रोजन मीट के पैकेट पर खून के साक्ष्य और 'बेस्ट बिफोर' (इस्तेमाल की अंतिम तिथि) की अधूरी जानकारी मिली।
वहीं, टर्क्वाइज हॉस्पिटैलिटी में हालात और भी चिंताजनक थे। यहां मूंग दाल और राजमा में कीड़े पाए गए, जिन्हें टीम ने तुरंत नष्ट कराया। किचन में साफ-सफाई नदारद थी, खुले डस्टबिन, काली पड़ चुकी गंदी कड़ाही और कीड़ों (पेस्ट) के संकेत भी मिले। यहां पेस्ट कंट्रोल पर्याप्त नहीं था और लाइसेंस भी नहीं लगाया गया था।
वेज-नॉनवेज के रखरखाव में लापरवाही
होटल लिमिटेड में टीम को एक्सपायरी डेट की मछली और चिकन मिला। सबसे बड़ी लापरवाही यह थी कि वेज और नॉनवेज की प्रोसेसिंग और स्टोरेज के लिए कोई अलग व्यवस्था नहीं थी। पानी की शुद्धता (पोटेबिलिटी) की रिपोर्ट भी संस्थान के पास नहीं थी, जिसके बाद उन्हें सुधार का नोटिस थमाया गया।
दूसरी तरफ, सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत मिली थी कि साक्षी ढाबा में चिकन या बकरे की जगह किसी अन्य मांस का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस गंभीर शिकायत के आधार पर टीम ने वहां से मटन और पनीर के सैंपल जांच के लिए हैं।
महादेव भोजनालय और आदित्य ग्रैंड में नियमों की अनदेखी
महादेव भोजनालय में न तो रजिस्ट्रेशन प्रदर्शित किया गया था और न ही पेस्ट कंट्रोल का कोई सर्टिफिकेट मिला। कर्मचारियों के पास मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र भी नहीं थे, जिन्हें बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। कम फैट के शक में यहां से पनीर-उत्तपम का सैंपल लिया गया है।
आदित्य ग्रैंड में भी कर्मचारियों के पास मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं थे और वे बिना हेयर कवर के काम कर रहे थे। यहां आधा पैकेट एक्सपायरी ब्रेड मिली, साथ ही संदेह के आधार पर पनीर का नमूना भी लिया गया। उधर, होटल ताज में दो तरह के पनीर मिलने पर टीम को शक हुआ था, लेकिन शुरुआती जांच और बिल देखने के बाद वह सही पाया गया। ताज प्रबंधन को फ्राइंग और वेज-नॉनवेज स्टोरेज व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।
इन प्रतिष्ठानों ने पास किया स्वच्छता का टेस्ट
एक तरफ जहां कई होटलों की रसोई ने निराश किया, वहीं जहानुमा रिट्रीट और द क्राउन 1909 की व्यवस्थाएं जांच टीम को पूरी तरह संतोषजनक मिलीं। जहानुमा रिट्रीट में वेज और नॉनवेज के लिए अलग-अलग डीप फ्रीजर और किचन की व्यवस्था थी।
वहां लाइसेंस भी लगा था और साफ-सफाई भी उम्दा थी। इसी तरह द क्राउन 1909 में भी किचन, बर्तन और स्टोरेज एरिया पूरी तरह साफ-सुथरे पाए गए और वेज-नॉनवेज का भंडारण उचित मानकों के तहत किया गया था।











