छत्तीसगढ़

BSP में अब भागने वाले कार्मिकों की सेजेस प्रणाली से होगी पहचान

भिलाई.

भिलाई इस्पात संयंत्र में सुरक्षा एवं प्रवेश प्रबंधन व्यवस्था को तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में सेजेस (स्मार्ट एक्सेस एंड गेट एंट्री सिस्टम) परियोजना का शुभारंभ किया गया। इसे सुरक्षा के नाम पर लगाया गया है लेकिन इससे ड्यूटी टाइम में संयंत्र से बाहर जाने वाले यानी भगोड़े कार्मिकों की शिनाख्त करना आसान होगा। संयंत्र के सभी 12 गेटों में यह सिस्टम लगेगा।

बीएसपी प्रबंधन का कहना है कि इस स्मार्ट गेट प्रवेश प्रणाली का उद्देश्य अनधिकृत प्रवेश पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ संयंत्र के कर्मचारियों, अधिकारियों एवं अन्य अधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश एवं निकास को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित, सुगम एवं दक्ष बनाना है। सेजेस परियोजना के अंतर्गत संयंत्र के सभी 12 प्रवेश द्वारों पर आरएफआईडी आधारित स्मार्ट गेट पास प्रणाली लागू की जाएगी।यह आधुनिक प्रणाली वतर्मान गेट पास व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित, सुगम एवं तकनीक सक्षम बनाने में सहायक होगी तथा प्रवेश प्रक्रिया में पहचान एवं सत्यापन को अधिक सरल और सहज बनाएगी। इससे कार्मिकों एवं अन्य अधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाते हुए गेट प्रबंधन की कार्यप्रणाली को और अधिक दक्ष बनाया जा सकेगा।

आरएफआईडी एवं फेस- रिकग्निशन आधारित यह प्रणाली प्रवेश के समय पहचान एवं सत्यापन की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने के साथ-साथ संयंत्र के विभिन्न प्रवेश द्वारों से होने वाली आवाजाही की निगरानी एवं ट्रैकिंग को भी बेहतर बनाएगी।

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