इंग्लैंड में फिर ढही पाकिस्तान की बल्लेबाजी, 133 रन पर ऑलआउट; 16 साल पुराना रिकॉर्ड बचा

नई दिल्ली
इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. बर्मिंघम के एजबेस्टन में सीरीज के तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान की बल्लेबाजी फिर ताश के पत्तों की तरह बिखर गई. मुकाबला बुधवार (9 सितंबर) से शुरू हुआ. इंग्लैंड ने मेहमान टीम को सिर्फ 133 रन पर 33.5 ओवर में ऑलआउट कर दिया. पाकिस्तान की यह पारी इतनी जल्दी खत्म हुई कि एक 16 साल पुराना शर्मनाक रिकॉर्ड टूटते-टूटते रह गया.
टॉस जीतकर इंग्लैंड ने पहले गेंदबाजी चुनी और उसके तेज गेंदबाजों ने कप्तान जो रूट के फैसले को सही साबित करने में ज्यादा वक्त नहीं लगाया. पाकिस्तान ने शुरुआती ओवरों से ही विकेट गंवाने शुरू कर दिए.
सैम अयूब बिना खाता खोले, जबकि अजान अवैस 9 और अब्दुल्लाह शफीक सिर्फ 3 रन बनाकर लौट गए. शान मसूद भी 5 रन ही बना सके. नतीजा यह रहा कि पाकिस्तान ने शुरुआती 10 ओवर के भीतर ही अपने चार विकेट गंवा दिए और स्कोर 26 रन पर 4 विकेट हो गया.
इसके बाद कप्तान बाबर आजम से पारी संभालने की उम्मीद थी, लेकिन वह भी 7 रन बनाकर जोश टंग का शिकार हो गए. बाबर का विकेट गिरते ही पाकिस्तान का स्कोर 48 रन पर 5 विकेट हो गया.
सऊद शकील अकेले लड़ते रहे
पाकिस्तान की ओर से सिर्फ सऊद शकील ने कुछ देर मोर्चा संभाला. उन्होंने 47 गेंदों पर 43 रन की पारी खेली, जिसमें 7 चौके शामिल थे. लेकिन दूसरे छोर से उन्हें कोई लंबा साथ नहीं मिला.
गाजी घोरी 4, मोहम्मद इमरान 5 और राजाउल्लाह 11 रन बनाकर आउट हो गए. सऊद शकील भी 43 रन पर जोश टंग की गेंद पर बोल्ड हो गए.
आखिर में मोहम्मद अब्बास ने 21 रन बनाकर टीम को 100 के पार पहुंचाया, लेकिन पाकिस्तान की पारी 133 रन पर ही सिमट गई. मोहम्मद अली 5 रन बनाकर नाबाद रहे. पाकिस्तान के खाते में 20 एक्स्ट्रा रन भी आए, जिसमें 6 बाई और 14 लेग बाई शामिल थे.
टंग ने बरपाया कहर, रॉबिन्सन-आर्चर ने भी तोड़ी कमर
इंग्लैंड की गेंदबाजी में जोश टंग सबसे घातक रहे. उन्होंने 10 ओवर में एक मेडन डालते हुए 42 रन देकर 4 विकेट झटके.
ओली रॉबिन्सन ने 11 ओवर में 15 रन देकर 3 विकेट लिए. उनके लिए यह खास मौका भी रहा, क्योंकि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपने 100 विकेट पूरे किए. जोफ्रा आर्चर ने भी 7.5 ओवर में 25 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए.
16 साल पुराना रिकॉर्ड क्यों बच गया?
पाकिस्तान की 33.5 ओवर की यह पारी इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में उसकी तीसरी सबसे छोटी पारी है. इससे छोटी दो पारियां साल 2010 में आई थीं.
नॉटिंघम में पाकिस्तान 29 ओवर में 80 रन पर ऑलआउट हुआ था, जबकि उसी साल लॉर्ड्स में टीम 33 ओवर में 74 रन पर ढेर हो गई थी. बर्मिंघम में पाकिस्तान 33.5 ओवर तक टिक गया और इस तरह 16 साल पुराना वह रिकॉर्ड टूटने से बच गया.
यानी पाकिस्तान ने इस मैच में 133 रन तो बनाए, लेकिन उसके बल्लेबाजों ने एक और शर्मनाक आंकड़ा अपने नाम कर लिया. यह इस सीरीज में पाकिस्तान की सबसे छोटी पारी भी रही है.
टॉप-5 का हाल सबसे खराब
पाकिस्तान की हालत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसके शुरुआती पांच बल्लेबाजों में कोई भी दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सका.
सैम अयूब 0, अजान अवैस 9, अब्दुल्लाह शफीक 3, शान मसूद 5 और बाबर आजम 7 रन बनाकर आउट हुए. यानी टॉप-5 के खाते में कुल 24 रन आए. यह टेस्ट की पहली पारी में इंग्लैंड में पाकिस्तान के लिए बेहद खराब बल्लेबाजी प्रदर्शन रहा.
इंग्लैंड को मिला 23 रन का फायदा
पाकिस्तान को 133 रन पर समेटने के बाद इंग्लैंड की शुरुआत भी बहुत शानदार नहीं रही. उसने 39 रन तक अपने तीन विकेट गंवा दिए थे. लेकिन एमिलियो गे ने 60 और हैरी ब्रूक ने नाबाद 52 रन बनाकर पारी को संभाल लिया.
दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने 39 ओवर में 156/4 रन बना लिए थे. इस तरह उसे पाकिस्तान के खिलाफ पहली पारी में 23 रन की बढ़त हासिल हो गई.
पाकिस्तान पहले ही सीरीज के शुरुआती दोनों टेस्ट गंवा चुका है. ऐसे में एजबेस्टन में भी उसकी बल्लेबाजी का यही हाल रहा तो इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में क्लीन स्वीप से बचना उसके लिए बड़ी चुनौती होगी.











