यूपी चुनाव से पहले BJP का बड़ा प्लान, 7 सितंबर से शुरू होगा मिशन 2027 का होमवर्क

लखनऊ
यूपी विधान सभा चुनाव को प्रतिष्ठा का सवाल बना चुकी भाजपा संगठन बनाने के बाद अब पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को चुनावी होमवर्क देगी। सात सितंबर को जहां यूपी के नए प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े लखनऊ में डेरा डालेंगे, वहीं राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का भी दौरा होगा।
राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदेश एवं क्षेत्रीय टीमों से मिलकर चुनावी धड़कन की जानकारी लेगा। मोर्चों के साथ भी अलग बैठक होगी। वहीं, माह के अंत में गृहमंत्री अमित शाह के दौरे की रचना बनाई जा रही है।
यूपी विधान सभा चुनाव ज्यादा दूर नहीं है। 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा को भारी झटका लगा। अगर चुनावी परिणाम के आधार पर आकलन करें तो ढाई सौ से ज्यादा विधान सभाओं में सपा और सहयोग दल आगे रहे। यह भाजपा के लिए खतरे की घंटी है।
इसके बाद से भगवा खेमा संगठन एवं जातीय समीकरण कसने में जुटा है। हालांकि संगठन एवं जनप्रतिनिधियों में मतभेद एवं कार्यकर्ताओं के थकने की वजह से ज्यादातर अभियानों का रंग फीका रहा है। जिलाध्यक्षों को बनाने एवं जिलों की टीमों के गठन में भारी विलंब हुआ, वहीं कई क्षेत्रों में पदाधिकारियों को लेकर अंदरुनी लड़ाई खुलकर सामने आई। पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए।
इस बीच प्रदेश की टीम में भारी बदलाव किया गया, लेकिन यहां भी कई ऐसे नाम शामिल किए गए, जिनका संगठन में कोई अनुभव नहीं रहा। अब क्षेत्रीय टीमों की घोषणा कर दी गई है, जिसके बाद विनोद तावड़े के दौरे की उपयोगिता बढ़ गई है। तावड़े ने प्रदेश की टीम में बड़े बदलाव की पटकथा लिखी, जिसका असर 2027 विधान सभा चुनाव में टिकटों में बदलाव में भी दिखेगा।
वह सालभर से यूपी के दौरों पर निकल रहे हैं। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री प्रदेशभर के संगठनों के साथ संवाद करेंगे। नितिन नवीन चार एवं पांच जुलाई को लखनऊ में थे, जहां उन्होंने प्रदेश की टीम के साथ मुलाकात करने के साथ ही सहयोगी दलों से भी मिले।
बुजुर्ग एवं अनुभवी कार्यकर्ताओं को साधा, वहीं दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक के यहां पहुंचकर बड़ा संदेश दिया। सीएम योगी आदित्यनाथ से भी मिले थे। अब नई तैयारियों के साथ लखनऊ पहुंचेंगे, जहां से वह काशी एवं अयोध्या जा सकते हैं।
इस बीच गृहमंत्री अमित शाह का यूपी दौरा प्रस्तावित है। इससे पहले वह 23 जनवरी को लखनऊ आए थे, जहां उन्होंने प्रदेश भाजपा मुख्यालय पर पदाधिकारियों से भी मुलाकात की थी।











