भाई से दूर हैं तो ऐसे मनाएं रक्षाबंधन, बारिश-बाढ़ में भी नहीं टूटेगी राखी की परंपरा

रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026 को है. देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और खराब मौसम ने बहनों की परेशानी बढ़ा दी है. इस कारण रक्षाबंधन पर बहनों का अपने भाई के घर पहुंचना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर बहन भाई की कलाई पर खुद राखी न बांध पाए तो क्या त्योहार अधूरा माना जाएगा.
राखी का मूल भाव भाई-बहन के स्नेह, मंगलकामना से जुड़ा होता है, इसलिए दूरी या परिस्थितियों के कारण भाई को राखी नहीं बांध पाएं तो कैसे मनाए ये त्योहार जान लें.
भाई दूर हो तो कैसे बांधें राखी?
अगर बहन किसी कारण भाई के पास नहीं पहुंच सकती, तो सबसे राखी के सा
रोली, अक्षत, नारियल कुरियर कर दें. शुभ मुहूर्त में बहन अपने घर में भगवान के सामने भाई का स्मरण करके उसके सुख, स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना कर सकती है. इसके बाद भाई स्वयं या घर में मौजूद बहन, रिश्तेदार की सहायता से राखी बंधवा सकता है.
वीडियो कॉल पर भी निभा सकते हैं परंपरा
अगर बारिश, बाढ़, ट्रेन-फ्लाइट रद्द होने या किसी और मजबूरी के कारण राखी समय पर भेजना भी संभव न हो, तो बहन वीडियो कॉल के जरिए भाई के सामने पूजा कर सकती है. अगर भाई बहुत दूर है, तो भगवान के सामने राखी अर्पित करके भाई को वीडियो कॉल पर आशीर्वाद, मंगलकामना देना और बाद में राखी भेज सकते हैं, क्योंकि रक्षाबंधन का त्योहार जन्माष्टमी तक मनाया जाता है.
राखी बांधने की सही धार्मिक विधि
रक्षाबंधन के दिन स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर पूजा की तैयारी करें.
भाई को शुभ दिशा में बैठाकर पहले भगवान गणेश और इष्टदेव का स्मरण करें.
इसके बाद भाई के माथे पर रोली या चंदन का तिलक लगाएं, अक्षत लगाएं और आरती करें.
फिर दाहिनी कलाई पर राखी बांधें. राखी बांधते समय भाई के सुख, समृद्धि, आरोग्य और दीर्घायु की कामना करें.
इसके बाद भाई अपनी बहन को कुछ भेंट दें और उनकी सुरक्षा का वादा करें.
1. अगर बहन भाई के घर नहीं पहुंच पाए तो क्या रक्षाबंधन अधूरा माना जाएगा?
नहीं. रक्षाबंधन का मूल भाव भाई-बहन के स्नेह, मंगलकामना और एक-दूसरे की कुशलता की प्रार्थना से जुड़ा है. बारिश, बाढ़ या यात्रा में परेशानी जैसी परिस्थितियों में बहन भाई के पास नहीं पहुंच पाए तो त्योहार की भावना अधूरी नहीं मानी जाती. ऐसी स्थिति में राखी, रोली, अक्षत और नारियल भेजकर भाई से शुभ मुहूर्त में राखी बंधवाई जा सकती है.
2. क्या भाई के नाम की राखी भगवान को अर्पित कर सकते हैं?
अगर भाई दूर है और बहन स्वयं राखी नहीं बांध पा रही है, तो भगवान के सामने राखी रखकर भाई के सुख, स्वास्थ्य और दीर्घायु की प्रार्थना कर सकती है. राखी को भगवान के चरणों में अर्पित करके भाई को बाद में भेजना भी एक भावनात्मक धार्मिक उपाय हो सकता है. हालांकि, इसे शास्त्र में भाई की कलाई पर राखी बांधने के समान मूल विधि नहीं माना जाता.
3. क्या वीडियो कॉल के जरिए रक्षाबंधन मना सकते हैं?
हां, मजबूरी की स्थिति में वीडियो कॉल के जरिए भी भाई-बहन रक्षाबंधन की भावना निभा सकते हैं. बहन अपने घर में पूजा करके भाई का स्मरण करे और उसकी मंगलकामना करे. भाई के पास राखी पहुंच गई हो तो वह परिवार के किसी सदस्य की सहायता से राखी बंधवा सकता है. अगर राखी समय पर नहीं पहुंची है, तो बहन भगवान के सामने राखी अर्पित करके भाई के लिए प्रार्थना कर सकती है और बाद में राखी भेज सकती है.











