मध्य प्रदेश

उज्जैन में बड़ी इंजीनियरिंग चूक! सिंहस्थ के लिए बना पुल 30 डिग्री घूम गया, सड़क की बजाय शिप्रा पर जा पहुंचा

उज्जैन 

उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच एक बड़ी इंजीनियरिंग गड़बड़ी सामने आई है. इंदौर से आने वाली गाड़ियों को सीधे मेला क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए बन रहे बायपास में सड़क और ब्रिज का अलाइनमेंट ही आपस में नहीं मिल रहा है. डीमार्ट के सामने से एमआर-21 तक बन रही रोड और शिप्रा नदी पर बन रहे ब्रिज के बीच करीब 30 डिग्री का अंतर पाया गया है. नतीजा यह है कि ब्रिज सड़क की जगह खेत में उतर रहा है. अब इस गलती को सुधारने के लिए और भी जमीन लेकर सड़क को मोड़कर ब्रिज से मिलाने की तैयारी की जा रही है, जिसका किसान विरोध कर रहे हैं। 

दो विभाग, दो काम और तालमेल गायब
दरअसल, 23.26 करोड़ रुपये की सड़क नगर निगम बना रहा है, जबकि 13.38 करोड़ रुपये के ब्रिज की जिम्मेदारी सेतु विभाग के पास है. अब मौके पर सड़क का अर्थ वर्क और ब्रिज के पिलर तैयार हो चुके हैं. ड्रोन फोटो और सैटेलाइट इमेज में एप की मदद से मापने पर दोनों के बीच करीब 30 डिग्री का अंतर सामने आया. नगर निगम गड़बड़ी सुधारने के लिए सेतु विभाग को लेटर भी लिख चुका है. वहीं, सेतु निगम के इंजीनियर पीएस पंत का कहना है कि ब्रिज वैसा ही बन रहा है, जैसा बनना चाहिए. गड़बड़ी कहां हुई, यह तो अब नगर निगम बताएगा। 

ऐसे बनना था ब्रिज, अब मोड़नी पड़ेगी सड़क
योजना के मुताबिक, ब्रिज को सीधा सिकंदरी-दाऊदखेड़ी रोड पर मिलना था, जहां सिंहस्थ और देवास-बदनावर हाईवे के बायपास भी जुड़ेंगे. लेकिन अलाइनमेंट बिगड़ने से अब ब्रिज तक सड़क को मोड़ना पड़ेगा. इसके लिए एक्सट्रा जमीन का अधिग्रहण करना होगा, जिस पर किसानों की नाराजगी बढ़ रही है. यह बायपास सिंहस्थ-2028 के लिए बेहद जरूरी है. इंदौर की ओर से आने वाले ट्रैफिक को इसी रास्ते से चिंतामण गणेश मंदिर और मेला क्षेत्र तक पहुंचाया जाना है. इससे गाड़ी शहर में एंट्री किए बिना सीधे सिंहस्थ क्षेत्र पहुंच सकेंगे. फिलहाल, नगर निगम का कहना है कि रोड को टर्न देकर ब्रिज से मिलाया जाएगा और इसके लिए अतिरिक्त जमीन ली जाएगी। 

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