
जैसलमेर
डेजर्ट टूरिज्म की पहचान रहे सम सैंड ड्यून्स के साथ अब खुहड़ी भी पर्यटकों की पसंद में तेजी से जगह बना रहा है। सम में बढ़ती भीड़, वाहनों की आवाजाही और व्यावसायिक गतिविधियों के बीच पर्यटकों का एक वर्ग शांत वातावरण और प्राकृतिक रेगिस्तान का अनुभव चाहता है। यही बदलाव खुहड़ी के लहरदार धोरों को नया पर्यटन अवसर दे रहा है।
खुहड़ी की सबसे बड़ी ताकत फिलहाल उसका प्राकृतिक स्वरूप है। दूर तक फैली सुनहरी रेत, लहरदार धोरे और सूर्योदय-सूर्यास्त के दृश्य पर्यटकों को काफी आकर्षित कर रहे हैं। ऊंट सफारी, धोरों पर घूमना और फोटोग्राफी यहां के प्रमुख आकर्षण हैं।
रेगिस्तान का नया बाजार
सम सैंड ड्यून्स डेजर्ट टूरिज्म का केंद्र बन चुका है। कैंपिंग, सफारी और सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार के साथ पर्यटकों का दबाव भी बढ़ा है। ऐसे में खुहड़ी अपेक्षाकृत शांत अनुभव दे रहा है। इससे पर्यटकों की बदलती पसंद का संकेत मिलता है।
कारोबार को बूस्ट
सरकार ने पिछले बजट में खुहड़ी में अल्ट्रा लग्जरी टूरिज्म जोन विकसित करने की घोषणा की थी। इसके धरातल पर आने से लक्जरी हॉस्पिटैलिटी, कैंपिंग, परिवहन में निवेश बढ़ सकता है। इसी बजट में कुलधरा में पर्यटक सुविधा केंद्र की घोषणा भी हुई थी। दोनों स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने पर जैसलमेर का पर्यटन सर्किट विस्तृत हो सकता है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से ऊंट सफारी, परिवहन, खान-पान और लोक कलाकारों से जुड़े कारोबार को लाभ मिल सकता है।
रेगिस्तान में नया पर्यटन केंद्र
जैसलमेर से खुहड़ी की दूरी 45 किमी
वर्तमान में संचालित रिसोर्ट्स 3 दर्जनों से ज्यादा
पिछले वर्ष जैसलमेर पहुंचे सैलानी 15 लाख से ज्यादा
पर्यटन क्षेत्र में सालाना कारोबार 1800 करोड़ रुपए
सम क्षेत्र में व्यवसाय 300 करोड़ रुपए
खुहड़ी में प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए बेहतर और अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे आने वाले समय में यह क्षेत्र दुबई और मध्य-पूर्व के रेगिस्तानी पर्यटन स्थलों की तर्ज पर विकसित हो सकता है।
-कमलेश्वर सिंह, सहायक निदेशक, पर्यटक स्वागत केंद्र, जैसलमेर











