
जयपुर
राज्य सरकार की मंशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशीलता के साथ निवारण के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को बाल अधिकारिता विभाग के आयुक्त श्री निकया गोहाएन ने राजस्थान संपर्क (181) हेल्पलाइन केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभाग से संबंधित तथा फलोदी जिले के प्रभारी सचिव के रूप में जिले से संबंधित दर्ज प्रकरणों, उनके निस्तारण की स्थिति और आमजन को मिल रहे फीडबैक का गहनता से विश्लेषण किया।
तकनीकी सुदृढ़ीकरण- 1098 और 181 हेल्पलाइन का होगा इंटीग्रेशन
आयुक्त श्री निकया गोहाएन ने हेल्पलाइन केंद्र पर कॉल टेकर और शिकायत निवारण प्रक्रिया को देखते हुए कहा कि बाल अधिकारों के संरक्षण और बच्चों से जुड़ी आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन '1098' तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन '181' को आपस में एकीकृत किया जाए। इस एकीकरण से बाल संरक्षण से जुड़े संवेदनशील मामलों में बिना किसी तकनीकी विलंब के तुरंत सहायता पहुंचाई जा सकेगी और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
श्री गोहाएन ने फलोदी जिले के प्रभारी सचिव होने के नाते अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए, फलोदी क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न विभागों की जन-शिकायतों को भी सुना और उनकी लाइव मॉनिटरिंग की। उन्होंने फलोदी क्षेत्र के नागरिकों द्वारा दर्ज कराई गई समस्याओं की त्वरित समीक्षा की, जिनमें जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड से जुड़े नयापुरा फलोदी में पिछले 3 दिनों से खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट को तुरंत ठीक करने, तथा उदय नगर व अन्य ग्राम पंचायतों में जर्जर व टूटे हुए 11KV और एलटी विद्युत पोलों को तत्काल बदलकर संभावित जनहानि को रोकने के निर्देश दिए गए। ठीक इसी प्रकार अन्य विभागों से संबंधित जन शिकायतों को सुना तथा समस्या निवारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं आईटी विंग के तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।











