
जालंधर.
अर्बन एस्टेट फाटक पर बन रहे अंडरपास को लेकर नई अपडेट सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, अर्बन एस्टेट के रेलवे क्रॉसिंग नंबर-7 पर करीब 3 करोड़ रुपए के बनाए जा रहे व्हीकल अंडरपास का निर्माण फिलहाल रोक दिया गया है।
दरअसल, इस अंडरपास को लेकर इलाके के लोगों द्वारा विरोध जताया जा रहा था। लोगों ने इसके डिजाइन और सुरक्षा को लेकर आपत्तियां जताई। इसके बाद से नगर निगम ने रेलवे को पत्र लिखा और इसके काम को रुकवा दिया गया।
लोगों ने जताई आपत्तियां
आपको बता दें कि अंडरपास के डिजाइन को लेकर लोगों द्वारा आपत्तियां जताई जा रही हैं। इसी के चलते अर्बन एस्टेट रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसायटी ने बिना स्थानीय राय के बन रहे इस अंडरपास प्रोजेक्ट को रोकने की मांग की है। इलाका निवासियों का कहना है कि 'U' आकार के बन रहे इस अंडरपास पर केवल छोटे वाहन ही गुजर सकेंगे। यहां इस अंडरपास पर भारी ट्रैफिक की समस्या रहेगी वहीं दुर्घटनाओं का भी खतरा बना रह सकता है।
यही नहीं इस अंडरपास के पास एक बड़ी सीवरेज लाइन गुजरती है। बारिश के दिनों में यहां पर जलभराव व लीकेज की समस्या भी रह सकती है। इसके लिए DRM कार्यालय में शिकायत की गई। जिसके बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया है।
सर्वे के बाद 5 सदस्यी कमेटी करेगी बैठक
बताया जा रहा है कि, इस अंडरपास से जुड़े मामले की समीक्षा के लिए तहसीलदार की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इस 5 सदस्यी कमेटी में डीआरएम कार्यालय का प्रतिनिधि, पीडब्ल्यूडी का एक्सईएन स्तर का अधिकारी, नगर निगम कमिश्नर कार्यालय का प्रतिनिधि और अर्बन एस्टेट की वेलफेयर सोसायटी का प्रतिनिधि शामिल होगा। प्रोजेक्ट पर अंतिम फैसला लेने से पहले ये कमेटी संयुक्त बैठक करेगी। बैठक से पहले संबंधित विभागों के अधिकारी पहले मौके का सर्वे करेंगे। उसके बाद कमेटी की बैठक होगी। फिर इस मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
अंडरपास बनने से किसे होगा फायदा
जानकारी के मुताबिक, इस अंडरपार के बनने से अर्बन एस्टेट फेज-1 और 2, फेज-1 के स्कूल और व्यावसायिक इलाके, गढ़ा, कैंट, एजीआई, जमशेर, सुभाना क्षेत्र, सुभाना रोड और गीता मंदिर के आसपास के रिहायशी इलाकों के लोगों फायदा होगा।
अब तक हुए ये काम
आपको बता दें कि, अंडरपास के लिए नकोदर लाइन के नीचे खुदाई का काम पहले ही किया जा चुका है। इसके अलावा रेलवे ने कंक्रीट बॉक्स तैयार करने के लिए लोहे का ढांचा भी बनाना शुरू किया था। लोगों का इसको लेकर विरोध होता देखकर इस काम को रोक दिया गया। सीधी बात करें तो अब तक एक फीट कंक्रीट भी नहीं डाली गई है।











