
जालंधर.
पंजाब के युवाओं में विदेश जाने और वहां बिजनेस स्थापित करने का बढ़ता क्रेज अब साइबर ठगों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बन चुका है। पहले फर्जी ट्रैवल एजेंट नौकरी और वीजा दिलाने के नाम पर ठगी करते थे, लेकिन अब इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय एनआरआई विधवा बनकर नए और बेहद शातिर तरीके से लोगों को निशाना बना रहे हैं।
यह गैंग खुद को कनाडा, आस्ट्रेलिया या दुबई में रहने वाली अमीर विधवा कारोबारी बताकर युवाओं से दोस्ती करती है और फिर उन्हें विदेश में बिजनेस पार्टनर बनाने, होटल मैनेजमेंट संभालने, प्रापर्टी में हिस्सेदारी देने या शादी के बाद विदेश में बसाने के सपने दिखाती है। ठग महिलाएं सोशल मीडिया प्रोफाइल पर महंगी गाड़ियों, आलीशान बंगले, विदेशी आफिस और करोड़ों के कारोबार की तस्वीरें डालकर खुद को सफल बिजनेस वुमन साबित करती हैं। इसके बाद लंबे समय तक बातचीत कर युवकों का भरोसा जीतती हैं और फिर अलग-अलग बहानों से पैसे मांगना शुरू कर देती हैं।
जालंधर में तीन युवा हुए ठगी के शिकार
जालंधर में ऐसे तीन मामलों में युवकों से करीब 92 लाख रुपए की ठगी सामने आई है-
केस स्टडी 1
बस्ती नौ के रहने वाले साहिल को एक महिला ने सोशल मीडिया के जरिए संपर्क किया। महिला ने खुद को कनाडा में रहने वाली एनआरआई बिजनेस वुमन बताया और मनप्रीत को बड़ी कंपनी में नौकरी करने का झांसा दिया। करीब डेढ़ महीने तक लगातार बातचीत कर उसे भरोसे में लिया गया। ठगों ने नकली कनाडाई लोकेशन, फर्जी कंपनी दस्तावेज और इन्वेस्टमेंट एग्रीमेंट भेजकर युवक को यकीन दिलाया कि वह विदेश में बड़ा कारोबारी बनने जा रहा है। बाद में रिफंडेबल सिक्योरिटी और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर उससे 24 लाख रुपए ऐंठ लिए। रकम जुटाने के लिए मनप्रीत को अपनी पुश्तैनी जमीन तक गिरवी रखनी पड़ी।
केस स्टडी 2
दूसरे मामले में लकड़ी का काम को विदेश में सेटल होने का वादा किया गया। महिला ने खुद को वहां की पक्की नागरिक बताया और उसे बिजनेस पार्टनर बनने का प्रस्ताव दिया। भरोसा बढ़ाने के लिए एक व्यक्ति को फर्जी वीजा अधिकारी बनाकर वीडियो काल पर इंटरव्यू भी करवाया गया। इसके बाद अलग-अलग फीस और दस्तावेजों के नाम पर अमनदीप से 31 लाख रुपए ले लिए गए। बाद में जब उसने एग्रीमेंट और वेबसाइट की जांच करवाई तो उसमें अंग्रेजी की गलतियां मिलीं और वेबसाइट भी केवल तीन महीने पुरानी निकली। तब तक वह अपनी पूरी जमा पूंजी गंवा चुका था।
केस स्टडी 3
जालंधर की रहने वाले राजेश को दुबई की महिला ने अपने जाल में फंसाया। महिला ने उसे दुबई में लग्जरी आफिस दिलवाले का झांसा दिया। धीरे-धीरे ट्रेड लाइसेंस, प्रोसेसिंग फीस और टिकट के नाम पर उससे 37 लाख रुपए ले लिए गए। यह रकम जुटाने के लिए गुरकीरत ने परिवार की बचत खर्च कर दी और मां के गहने तक बेच दिए। आखिर में टिकट भेजने का झांसा देकर महिला ने अपना सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिया और युवक को ब्लाक कर दिया।
क्या कहते हैं साइबर विशेषज्ञ
साइबर विशेषज्ञ पलविंदर सिंह का कहना है कि इंटरनेट मीडिया पर दिखाई जाने वाली लग्जरी लाइफस्टाइल और विदेशी बिजनेस आफर पर आंख बंद करके भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। किसी भी विदेशी नौकरी, बिजनेस या निवेश प्रस्ताव की पुष्टि सरकारी पोर्टल और अधिकृत एजेंसियों से जरूर करनी चाहिए।











