
जालंधर
जालंधर देहात पुलिस ने एटीएम लूट की बड़ी वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने भोगपुर के यूके बैंक और किशनगढ़ के एसबीआई बैंक के एटीएम को निशाना बनाने वाले तीन आरोपियों कमलजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह और हरप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया।
जालंधर के एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि बीती 1 और 2 मई की मध्यरात्रि को अपराधियों ने दो अलग-अलग जगहों पर एटीएम लूटने की कोशिश की थी। पहली वारदात भोगपुर स्थित यूके बैंक के एटीएम में हुई और दूसरी किशनगढ़ में एसबीआई बैंक के एटीएम में।
इन घटनाओं की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत विशेष टीमों का गठन किया। तकनीकी जांच और खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कमलजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह और हरप्रीत सिंह के रूप में हुई है।
ड्राइवर बनकर करते थे रेकी
पुलिस पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी पेशे से ड्राइवर हैं। अपनी इसी नौकरी की आड़ में वे अलग-अलग रूटों पर जाते थे और ऐसे एटीएम की पहचान करते थे जहां सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता नहीं होते थे।
एसएसपी विर्क ने बताया कि यह गिरोह विशेष रूप से उन एटीएम को टारगेट करता था, जहां रात के समय कोई सिक्योरिटी गार्ड तैनात नहीं होता था। वारदात से पहले आरोपी कई दिनों तक उस इलाके की रेकी करते थे ताकि पुलिस की गश्त और स्थानीय हलचल का पता लगा सकें।
हथियार और वाहन बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वह गाड़ी भी बरामद की है, जिसका इस्तेमाल वे वारदात के बाद भागने के लिए करते थे। इसके अलावा, एटीएम मशीन को काटने और तोड़ने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कटर और अन्य लोहे के औजार भी पुलिस ने जब्त किए हैं।
पुलिस का मानना है कि इन आरोपियों की गिरफ्तारी से इलाके में एटीएम लूट की घटनाओं पर लगाम लगेगी। आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने पहले कितनी और वारदातों को अंजाम दिया है।
रिमांड पर शुरू हुई पूछताछ
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उन्हें माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने उनका रिमांड हासिल किया है।
रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ करेगी। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके द्वारा की गई पिछली वारदातों के बारे में भी अहम सुराग मिल सकते हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि चोरी किए गए कैश को वे कहां ठिकाने लगाते थे।











