मदर्स डे स्पेशल: मां के आंसू पोंछकर परिवार में खुशियों का उजाला फैलाते हैं सीएम योगी

लखनऊ
मदर्स डे, यह दिन विशेष रूप से मां के प्रति कृतज्ञता, उनके निस्वार्थ प्रेम और योगदान को सम्मान देने को समर्पित है। लेकिन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतिदिन हर मां की खुशी और अपने 25 करोड़ प्रदेशवासियों के परिवार के लिए समर्पित रहते हैं। वे प्रदेश की सभी मांओं के आंसू पोंछ परिवार में उजाला फैलाते हैं। कानपुर की खुशी गुप्ता व मायरा, लखनऊ की अनाबी अली, मुरादाबाद की वाची, गोरखपुर की पंखुड़ी त्रिपाठी समेत अनेक बच्चे इसके उदाहरण हैं, जिन्हें सीएम योगी के कारण उज्ज्वल भविष्य मिला और उनकी मांओं का दुख दूर हुआ।
जब खुशी ने पहला शब्द बोला- थैंक्यू योगी जी, भर आई थीं मां की आंखें
मुख्यमंत्री ने कानपुर की मूक-बधिर बच्ची “खुशी” के जीवन में खुशी के इंद्रधनुषी रंग भरे। कानपुर की यह बच्ची न बोल सकती थी और न सुन सकती थी। खुशी नवंबर 2025 में बिना बताए कानपुर स्थित घर से निकलकर लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करते हुए लखनऊ पहुंच गई थी। किसी तरह उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलवाया गया। इस बच्ची ने अपने हाथों से बना चित्र सीएम को भेंट किया।
मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और एक फाउंडेशन के सहयोग से खुशी के इलाज की व्यवस्था कराई। 26 जनवरी 2026 को खुशी का सफलता पूर्वक कॉक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन किया गया। अब खुशी सुन भी पा रही है और कुछ-कुछ बोलना भी शुरू कर दिया है। सर्जरी के बाद उसके मुंह से निकले पहले शब्द थे- “थैंक यू योगी जी।” बेटी की खुशी देख मां गीता गुप्ता की आंखों में पहली बार खुशी के आंसू छलक पड़े।
मायरा, पंखुड़ी, अनाबी, वाची का परिवार भी योगी का मुरीद
कानपुर की नन्ही मायरा को सीएम योगी ने जनता दर्शन में न सिर्फ चॉकलेट दी, बल्कि शाम तक उसकी मुराद पूरी कर दी। सीएम के निर्देश पर कानपुर के एस्काटर्स वर्ल्ड स्कूल ने मायरा का एडमिशन किया। मुरादाबाद की वाची, लखनऊ की अनाबी का एडमिशन और गोरखपुर की पंखुड़ी की फीस माफी भी सीएम योगी के निर्देश पर हुई। अब ये बच्चियां अपने-अपने शहर के प्रतिष्ठित विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। मायरा की मां नेहा कहती हैं कि हम खुशनसीब हैं कि योगी आदित्यनाथ हमारे मुखिया हैं।
वृद्ध मां के दर्द से द्रवित सीएम ने कैंसर पीड़ित बेटे को भिजवाया अस्पताल
सितंबर में ‘जनता दर्शन’ में कानपुर की रायपुरवा निवासी एक वृद्ध मां अपने कैंसर पीड़ित बेटे का दर्द लेकर मुख्यमंत्री के पास पहुंची थीं। उनकी तकलीफ देखकर सीएम द्रवित हो गए और कैंसर पीड़ित बेटे को एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाकर उसका इलाज प्रारंभ कराया। ऐसे अनेक उदाहरण हैं, जहां सीएम योगी ने मां के आंसू पोंछकर परिवार में खुशियों के रंग भर दिए।











