बिहार-झारखण्‍डराज्य

पप्पू यादव को कभी माफ नहीं कर पाऊंगी, मैथिली ठाकुर का गुस्सा शांत नहीं हो रहा

पटना 

बिहार की राजनीति में महिलाओं के सम्मान को लेकर एक नई जंग छिड़ गई है। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव द्वारा महिलाओं की राजनीति को लेकर दी गई अमर्यादित टिप्पणी पर भाजपा की विधायक मैथिली ठाकुर ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार को गया सर्किट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अलीनगर विधायक ने पप्पू यादव के बयान को घिनौना करार देते हुए कहा कि इस कृत्य के लिए वह उन्हें कभी माफ नहीं कर पाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति में महिलाओं के संघर्ष को बिस्तर जैसे शब्दों से तौलना पूरी नारी जाति का अपमान है।

"पप्पू यादव के अपने घर में भी महिला नेत्री हैं"
विधायक मैथिली ठाकुर ने पप्पू यादव को उनके परिवार की याद दिलाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "पप्पू यादव जी को यह शोभा नहीं देता, क्योंकि उनके अपने परिवार में भी महिला राजनीति में सक्रिय रही हैं। उनकी पत्नी रंजीत रंजन सांसद हैं। फिर भी उन्होंने ऐसा बयान देकर करोड़ों महिलाओं की अस्मिता को ठेस पहुंचाई है।" मैथिली ठाकुर ने सवाल किया कि क्या वह अपनी पार्टी और परिवार की महिलाओं के बारे में भी यही राय रखते हैं? उन्होंने कहा कि इस तरह की अभद्र टिप्पणी केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि पूरे समाज के नैतिक मूल्यों पर चोट है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मैथिली ठाकुर हुई भावुक
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मैथिली ठाकुर भावुक भी हुईं। उन्होंने अपने निजी जीवन का उदाहरण देते हुए कहा, "मेरे पिता ने मुझे पूरी समझदारी और भरोसे के साथ राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। हर परिवार अपनी परंपराओं और मूल्यों के आधार पर निर्णय लेता है। आज की महिलाएं अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर पंचायत से लेकर संसद तक पहुँच रही हैं, लेकिन पप्पू यादव जैसे नेता उनकी सफलता को 'नेताओं के बिस्तर' से जोड़कर उनकी मेहनत पर पानी फेरना चाहते हैं।" उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देने वालों को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, हालांकि यह कृत्य माफी के लायक भी नहीं है।

विधायक मैथिली ठाकुर ने केवल विवाद पर ही नहीं, बल्कि विकास के मुद्दों पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल खोखले नारों के पीछे नहीं भागता, बल्कि वह धरातल पर होने वाले कार्यों को देख रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एनडीए सरकार में महिलाओं की भूमिका बढ़ी है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 'नारी शक्ति' को जो सम्मान मिला है, उसे ऐसे विवादित बयानों से धूमिल नहीं किया जा सकता।

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