बिरयानी, तरबूज और मौत: एक दावत कैसे बन गई पूरे परिवार के लिए आखिरी जश्न?

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मुंबई के पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के चारों सदस्यों की मौत ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। शनिवार रात परिवार के साथ बिरयानी की दावत करने के कुछ घंटों बाद ही एक परिवार के चार सदस्यों की फूड पॉइजनिंग से मौत हो गई।
महज 12 घंटे के अंदर माता-पिता और उनकी दोनों बेटियों की मौत हो से सभी सकते में आ गये। मृतकों की पहचान अब्दुल्लाह अब्दुल कादर, उनकी पत्नी नसरीन, बड़ी बेटी आयशा और छोटी बेटी जैनब के रूप में हुई है।
कैसे हुई चारों की मौत?
अब्दुल्लाह मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान चलाते थे। परिवार ने शनिवार रात करीब 10:30 बजे पांच अन्य रिश्तेदारों के साथ बिरयानी की दावत की थी। घर लौटने के बाद रात करीब 1 बजे उन्होंने तरबूज खाया। रविवार तड़के करीब 5 बजे पूरे परिवार को उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हुई।
हालत बिगड़ने पर पड़ोस के डॉक्टर जियाद कुरैशी ने उन्हें देखा और तुरंत JJ अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर कुरैशी ने बताया, 'वे बहुत बुरी हालत में थे। उल्टी और दस्त के साथ थकान भी थी। अस्पताल जाते समय उन्होंने बताया कि उन्होंने तरबूज खाया था।'
जांच में जुटी पुलिस
अस्पताल पहुंचने के बाद छोटी बेटी जैनब की सुबह करीब 10:15 बजे मौत हो गई। इसके कुछ देर बाद मां नसरीन और बड़ी बेटी आयशा भी इलाज के बावजूद नहीं बच सकीं। पिता अब्दुल्लाह की मौत रात करीब 10:30 बजे हुई। पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ का केस दर्ज कर लिया है। पोस्टमॉर्टम के दौरान शवों के सैंपल लिए गए हैं।
आधा खाया हुआ तरबूज भी लैब टेस्टिंग के लिए भेजा गया है। मुंबई पुलिस के डिप्टी कमिश्नर प्रवीण मुंडे ने कहा कि फॉरेंसिक टीम और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग जहर या मिलावट की जांच कर रहा है। JJ अस्पताल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में बैक्टीरिया और इंफेक्शन की जांच हो रही है। फिलहाल हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट का इंतजार है।











