पंजाबराज्य

पंजाब में 30 अप्रैल से शुरू होगी जनगणना, 15 मई से घर-घर जाएंगी टीमें; 33 सवाल पूछे जाएंगे

चंडीगढ़ 

जनगणना का पहला चरण 15 मई से 13 जून के बीच आयोजित किया जाएगा। इस कार्य के लिए तरनतारन जिला प्रशासन द्वारा लगभग 2500 गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है।

डिप्टी कमिश्नर सह-प्रधान जनगणना अधिकारी राहुल ने बताया कि जनगणना कार्य में लगे कर्मियों का प्रशिक्षण विभिन्न स्तरों पर शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा, “जनगणना के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत कार्रवाई की जाएगी।”उन्होंने यह भी बताया कि पूरी प्रक्रिया को ‘डिजिटल मोड’ के जरिए हाई-टेक तरीके से पूरा किया जाएगा।

इस योजना के तहत, स्वयं-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) के लिए ऑनलाइन पोर्टल 30 अप्रैल से 14 मई तक खुला रहेगा, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकता है। इसके बाद 15 मई से 13 जून तक गणनाकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा।

वास्तविक जनसंख्या की गिनती का दूसरा चरण नौ फरवरी 2027 में होगा, जिसमें हर व्यक्ति का डेटा दर्ज किया जाएगा। इसके लिए विभाग की तरफ से कुल 67 हजार मुलाजिम तैनात किए जाएंगे। लोकल बॉडी विभाग के सचिव मनजीत सिंह बराड़ व निदेशक जनगणना नवजोत खोसा ने यह जानकारी शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में दी।

मोबाइल ऐप से होगी पूरी प्रक्रिया
यह देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इसमें डेटा जुटाने के लिए मोबाइल ऐप और डिजिटल मैपिंग का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया तेज और सटीक बनेगी। कर्मचारी घर की स्थिति, दीवार और छत के मटेरियल, बिजली-पानी जैसी सुविधाओं के साथ-साथ टीवी, वाहन जैसे संसाधनों की जानकारी भी जुटाएंगे। कुल 33 सवालों का जवाब देना होगा।

67000 एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर नियुक्त
राज्य में जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत लगभग 51,561 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) बनाए जा चुके हैं। इस कार्य के लिए करीब 67,000 एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं, जिनमें लगभग 56,544 एन्यूमरेटर और 10,368 सुपरवाइजर शामिल हैं। इन नियुक्तियों में स्कूल शिक्षक, क्लर्क तथा राज्य सरकार और स्थानीय निकायों के अधिकारी भी शामिल हैं।

प्रत्येक एन्यूमरेटर को लगभग 700 से 800 लोगों का डेटा एकत्र करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। वहीं, एक सुपरवाइजर के अधीन करीब 6 एन्यूमरेटर काम करेंगे और उनकी निगरानी करेंगे। स्वगणना के लिए केंद्र सरकार के पोर्टल पर जाना है। जिसमें लॉगिन कर 16 भाषाओं में जवाब दे पाएंगे।

पोर्टल सुबह छह से 12 बजे तक एक्टिव रहेगा
स्व गणना के लिए किसी ऐसे मोबाइल नंबर का इस्तेमाल न करें जो पहले से किसी अन्य परिवार द्वारा इस्तेमाल किया गया हो। परिवार के मुखिया के लिए नकली या अस्थायी नाम न डालें, क्योंकि बाद में इसे बदला नहीं जा सकता। अपना लॉगिन OTP किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें, चाहे वह खुद को सेंसस अफसर ही क्यों न बताए। आधार, पैन या बैंक डिटेल जैसे संवेदनशील दस्तावेज अपलोड या साझा न करें (इनकी आवश्यकता नहीं है)।

उन परिवार के सदस्यों को शामिल न करें जो स्थायी रूप से कहीं और जा चुके हैं या काम/पढ़ाई के लिए बाहर रह रहे हैं। मैप पर अपनी लोकेशन गलत तरीके से न चुनें; यह आपकी असली रहने की जगह होनी चाहिए। कोई भी सवाल खाली न छोड़ें; सिस्टम आमतौर पर आगे बढ़ने नहीं देता। यह न मानें कि प्रक्रिया पूरी हो गई है, जब तक आपको SE ID के साथ सफलता स्क्रीन न दिख जाए। रात 12 बजे के बाद पोर्टल का उपयोग न करें, क्योंकि यह केवल सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक ही सक्रिय रहता है।

जानकारी भरते हुए पब्लिक आईडी का प्रयोग न करे
फाइनल सबमिशन के बाद डेटा एडिट करने की कोशिश न करें। सुरक्षा के लिए यह लॉक हो जाता है। ऑनलाइन सबमिट करने के बाद आने वाले एन्यूमरेटर (गणनाकर्मी) को नजरअंदाज न करें, उनकी विजिट सत्यापन के लिए होती है। अगर आपका SE ID खो जाए तो घबराएं नहीं। आप इसे अपने मोबाइल नंबर से पोर्टल पर दोबारा प्राप्त कर सकते हैं।

ऐसे मेहमानों की जानकारी न दें जो केवल कुछ दिनों के लिए आए हुए हैं। निजी जानकारी भरते समय पब्लिक या असुरक्षित Wi-Fi (जैसे कैफे में) का उपयोग न करें। घर में रहने वाले सभी विवाहित जोड़ों का अलग-अलग उल्लेख करना न भूलें। आखिरी दिन (14 मई) तक सबमिट करने का इंतजार न करें, क्योंकि उस समय सर्वर पर ज्यादा लोड हो सकता है। डॉटा भरने के बाद एक 21 अंकों का नंबर आएगा। इसे संभाल कर रखना है।

पंजाब में 30 अप्रैल से शुरू होगी हेल्पलाइन
जनगणना 2027 के लिए हेल्पलाइन लोगों की मदद के लिए 30 अप्रैल से शुरू होगी। अगर आपको खुद जानकारी भरने (सेल्फ-एन्यूमरेशन) या घर की जानकारी देने (हाउस लिस्टिंग) में कोई दिक्कत हो, तो आप यहां सवाल पूछ सकते हैं।

शिकायत कर सकते हैं या अधिकारी से बात भी कर सकते हैं। इसे लिए 1855 नंबर पर कॉल करनी होगी। यह सेवा 24 घंटे चालू रहेगी और 16 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगी। जरूरत पड़ने पर आपकी कॉल सीधे जनगणना विभाग के अधिकारी तक पहुंचाई जा सकती है। यह सुविधा सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक सोमवार से शनिवार उपलब्ध रहेगी।

एन्यूमरेटर और लोगों की यह जिम्मेदारी तय
एन्यूमरेटर जो व्यक्ति घर-घर जाकर जानकारी इकट्ठा करता है। लोगों से आराम से और साफ तरीके से सवाल पूछेगा। फॉर्म जमा करने से पहले सब कुछ चेक करेगा कि सही है या नहीं। आपकी दी गई जानकारी को गोपनीय रखेगा। दूसरा जिसके घर जनगणना वाले उसकी जिम्मेदारी है उसे दूसरा सही और पूरी जानकारी देनी है। अगर कोई बात समझ न आए तो पूछ लेना है।

पंजाब में पहली ड्रग जनगणना भी
पंजाब सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से भारत की पहली व्यापक 'ड्रग और सामाजिक-आर्थिक जनगणना' शुरू की है, जिसका उद्देश्य 65 लाख परिवारों का सर्वेक्षण कर नशे के खिलाफ 'डेटा-आधारित' पुनर्वास नीतियां बनाना है। लगभग 28,000 सरकारी कर्मचारियों द्वारा तीन महीने में पूरी की जाने वाली इस ₹150 करोड़ की पहल का लक्ष्य नशा मुक्ति के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना है।

अलग-अलग नगर निगमों में HLBs (हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स) की संख्या

पठानकोट – 344

बटाला – 285

अमृतसर – 2324

कपूरथला – 142

फगवाड़ा – 225

जालंधर – 1689

होशियारपुर – 263

साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) – 674

पटियाला – 684

लुधियाना – 3471

मोगा – 280

अबोहर – 242

बठिंडा – 573

बरनाला – 171

नगर निगमों का कुल 11,367

जिला + नगर निगम कुल 51,561

 

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