भीषण गर्मी का कहर: भिंड में पारा 43.1°C पहुंचा, लू का अलर्ट जारी—इन 2 बीमारियों का बढ़ा खतरा

भिंड
अप्रैल माह में पहली बार शनिवार को गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाए। अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी 27.2 डिग्री दर्ज किया गया। तेज धूप और गर्म हवाओं ने शहरवासियों को दिनभर परेशान किया। हालात यह रहे कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छा गया और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। लू के थपेड़ों से सड़कें सूनी रहीं और दोपहर में लोग घरों में कैद रहे।
गर्म हवाओं का बढ़ा असर
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को आर्द्रता 27 प्रतिशत रही, जबकि हवाएं करीब 4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं। इससे पहले गुरुवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री दर्ज किया गया था, लेकिन शनिवार को पारा और चढ़ गया।
सुबह 9 बजे के बाद ही गर्म हवाओं का असर शुरू हो गया, जो दोपहर 2 बजे के बाद और तेज हो गया। गर्मी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हुई। बिना मुंह ढके बाहर निकलना मुश्किल हो गया। लोग सिर और चेहरे को कपड़े से ढककर ही बाहर निकले। बाजारों में भी दोपहर के समय भीड़ काफी कम दिखाई दी।
वायरल और मलेरिया का बढ़ा खतरा
मौसम में बदलाव के साथ ही बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है। इन दिनों अस्पतालों में वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में मलेरिया का खतरा भी अधिक रहता है, जो अन्य संक्रमणों के कारण शरीर को प्रभावित कर सकता है।
डाक्टरों ने सलाह दी है कि तेज धूप और गर्म हवाओं से बचाव बेहद जरूरी है। घर से बाहर निकलते समय मुंह और कान ढककर रखें तथा दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें। पर्याप्त पानी पिएं और स्वच्छता का ध्यान रखें। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें और तबीयत बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
डॉक्टर की सलाह
तापमान बढ़ने से वायरल और अन्य बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। लोगों को धूप से बचाव करना चाहिए और स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तुरंत जांच करानी चाहिए। – डा. आरएन राजौरिया, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल भिंड











