झारखंड शिक्षक भर्ती जांच: रिटायर्ड जस्टिस गौतम चौधरी बने आयोग के अध्यक्ष

रांची.
झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2016 के मामले में वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमिशन का अध्यक्ष रिटायर जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को नियुक्त किया.
यह आयोग 3 महीने के अंदर नियुक्ति मामले की पूरी जांच कर अपनी रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत करेगा. उस रिपोर्ट पर कैबिनेट विचार करेगी और आगे का निर्णय लिया जाएगा. पूर्व में एक सितंबर 2025 को हाइकोर्ट ने रिटायर जस्टिस डॉ एसएन पाठक को वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन का अध्यक्ष नियुक्त किया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी असर्मथता जताई थी. इसके बाद फिर यह मामला कोर्ट में ले जाया गया. हाई कोर्ट की एकल पीठ ने 258 रिट याचिकाओं पर फैसला सुनाया था.
क्या था एकल पीठ का आदेश
हाइकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ ने 258 याचिकाओं पर फैसला सुनाया. पीठ ने हाइकोर्ट के रिटायर जस्टिस डॉ एसएन पाठक की एक सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमीशन बनाया था. कमीशन पूरे मामले की जांच व सुनवाई कर तीन महीने के अंदर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट समर्पित करेगी. कमीशन की रिपोर्ट मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा. राज्य सरकार को अधिकतम छह सप्ताह के अंदर रिपोर्ट पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है.
वहीं अन्य रिक्त 2034 सीटों पर नियुक्ति के लिए याचिकाकर्ता आठ सप्ताह के अंदर अपना अभ्यावेदन झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के सचिव को देंगे. प्राप्त अभ्यावेदनों पर जेएसएससी छह माह के अंदर नियुक्ति की कार्रवाई पूरी करेगी. हालांकि बाद में जस्टिस डॉ एसएन पाठक ने वन मैन कमीशन का अध्यक्ष बनने में असमर्थता जताई थी. इसके बाद पीठ दूसरे न्यायाधीश के नामों पर विचार कर रही थी.
एकल पीठ के आदेश को अपील में दी गई है चुनाैती
राज्य सरकार व जेएसएससी की और से अलग-अलग अपील याचिका दायर कर एकल पीठ के आदेश को चुनाैती दी गयी है. आदेश को गलत बताते हुए निरस्त करने की मांग की गई है.
क्या है मामला
जेएसएससी ने वर्ष 2016 में हाइस्कूल शिक्षक के 17,786 पदों पर नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू की थी. कोर्ट के आदेश के बाद जेएसएससी ने 26 विषयों का स्टेट मेरिट लिस्ट और कट ऑफ भी जारी किया था. इस नियुक्ति में जिला स्तरीय मेरिट व राज्य स्तरीय मेरिट के आधार पर नियुक्ति की गई है. इसके चलते सैकड़ों वैसे अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं हो पायी है, जो कट ऑफ से अधिक अंक लाए हुए हैं. उनकी ओर से अपनी नियुक्ति की मांग की गई है. प्रार्थी मीना कुमारी और अन्य की ओर से 258 याचिका दायर की गई थी.











