
चंडीगढ़
हरियाणा सरकार ने रबी विपणन सीजन 2026-27 की फसलों की खरीद प्रक्रिया घोषित कर दी है। राज्य में मसूर की खरीद 20 मार्च से आरंभ होकर 30 अप्रैल तक होगी, जबकि सरसों की खरीद 28 मार्च से आरंभ होकर एक मई तक संचालित होगी। चने की खरीद एक अप्रैल से आरंभ होगी, जो कि 10 मई तक चलेगी। ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद 15 मई से 20 जून तक और सूरजमुखी की खरीद एक जून से 30 जून तक की जाएगी।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने चंडीगढ़ में सीजन 2026-27 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत सरसों, चना, मसूर, सूरजमुखी तथा ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद को लेकर किए जा रहे खरीद प्रबंधों की समीक्षा की। बैठक के दौरान बताया गया कि वर्ष 2025-26 में प्रमुख फसलों के रकबे और उत्पादन में वृद्धि हुई है। सरसों का उत्पादन लगभग 13.17 लाख टन होने का अनुमान है। सूरजमुखी का उत्पादन 0.70 लाख टन रहने की संभावना है, जबकि चना और मसूर के उत्पादन में भी सुधार दर्ज किया गया है। ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन 98 टन तक बढ़ने का अनुमान है।
मुख्य सचिव ने उच्च उत्पादन अनुमानों पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि समयबद्ध खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को बिना किसी विलंब के लाभकारी मूल्य मिल सके। साथ ही, किसानों में एमएसपी और खरीद प्रक्रिया के संबंध में व्यापक जागरूकता सुनिश्चित की जाए। बैठक में चालू सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की भी समीक्षा की गई। सरसों के लिए एमएसपी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल, चने के लिए 5,875 रुपये, मसूर के लिए 7,000 रुपये, सूरजमुखी के लिए 7,721 रुपये तथा ग्रीष्मकालीन मूंग के लिए 8,768 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
28 मार्च से होगी सरसों की सरकारी खरीद
सरसों की सरकारी खरीद 28 मार्च से शुरू होगी और 1 मई तक अनाज मंडियों में सरसों को खरीदा जाएगा. चने की सरकारी खरीद 1 अप्रैल से शुरू होकर 10 मई तक चलेगी जबकि ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद 15 मई से 20 जून तक और सूरजमुखी की खरीद 1 जून से 30 जून तक चलेगी.
चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी ने रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत सरसों, चना, मसूर, सूरजमुखी तथा ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद को लेकर किए जा रहे खरीद प्रबंधों की समीक्षा बैठक बुलाई थी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि समयबद्ध तरीके से खरीद सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को बिना किसी देरी के MSP का लाभ मिल सके. साथ ही, किसानों में MSP और खरीद प्रक्रिया के संबंध में व्यापक जागरूकता सुनिश्चित की जाए.
यह रहेगा न्यूनतम समर्थन मूल्य
इस बैठक में चालू सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की भी समीक्षा की गई. सरसों के लिए MSP 6,200 रुपये प्रति क्विंटल, चने के लिए 5,875 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर के लिए 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल, सूरजमुखी के लिए 7,721 रुपये प्रति क्विंटल तथा ग्रीष्मकालीन मूंग के लिए 8,768 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है.
पूर्व वर्षों की खरीद की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा ने मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत प्रभावी खरीद सुनिश्चित की है। वर्ष 2024-25 में 8.12 लाख टन से अधिक सरसों की खरीद की गई। वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार की स्वीकृतियों के अनुरूप खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत निर्धारित 25 प्रतिशत खरीद सीमा सहित सभी मानकों का कड़ाई से पालन करें। यदि आवश्यक हो तो किसानों के हित में इस सीमा से अधिक खरीद के लिए भी आवश्यक वित्तीय प्रविधान सुनिश्चित करें।











