
अजमेर.
झुंझुनूं-राजगढ़ स्टेट हाईवे-41 पर स्थित धनूरी टोल प्लाजा पर विभिन्न मांगों को लेकर टोल संघर्ष समिति द्वारा दिया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना 5वें दिन समाप्त हो गया। मंडावा विधायक रीटा चौधरी की मौजूदगी में हुई वार्ता के बाद आंदोलन समाप्ति की घोषणा की गई। हालांकि, निर्णय के बाद भी कई ग्रामीणों में असंतोष देखा गया।
टोल संघर्ष समिति के अरविन्द गढ़वाल ने बताया कि टोल मुक्ति को लेकर पिछले पांच दिनों से चल रहा आंदोलन मांगों पर सहमति बनने के बाद समाप्त कर दिया गया है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों की बैठक उपखंड अधिकारी, डिप्टी व धनूरी थानाधिकारी की मौजूदगी में आयोजित हुई, जिसमें विधायक रीटा चौधरी भी शामिल रहीं। वार्ता के दौरान कई बिंदुओं पर सहमति बनी। बैठक में सोनासर, पीपल का बास, कालेरा का बास, लूणा, अंबेडकर नगर, साहरणों की ढाणी, धनूरी, नयाबास, कायमसर, लादूसर, राहड़ों की ढाणी, बासड़ी, चैनपुरा, शोभा का बास, रामपुरा, फ्रांस का बास सहित कांट गांव को टोल मुक्त किए जाने का निर्णय लिया गया।
20 किमी दायरे में 250 रुपए का मासिक पास
इसके अलावा टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों के निजी वाहनों के लिए 250 रुपये मासिक शुल्क पर बिना ट्रिप सीमा का पास जारी करने पर भी सहमति बनी।
कुछ ग्रामीणों ने फैसले पर जताई नाराजगी
इसके बावजूद कुछ ग्रामीणों ने फैसले पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि 12 किलोमीटर दूर स्थित कांट गांव को टोल मुक्त किया गया है, जबकि 6 किलोमीटर दूरी पर स्थित बाजला गांव को टोल मुक्त नहीं किया गया। इसको लेकर कुछ चुनिंदा गांवों के ग्रामीणों ने असंतोष प्रकट किया है। धरना समाप्त होने के साथ ही टोल प्लाजा पर सामान्य व्यवस्था बहाल हो गई है।











