
पंचकूला.
आत्महत्या करने वाले आइपीएस वाई पूरन कुमार के परिजनों को नौकरी नहीं देने का मामला विधानसभा में उठा। शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल ने यह मामला उठाते हुए कहा कि जैसे आपने एएसआइ संदीप लाठर की पत्नी को नौकरी दी, वैसे ही वाई पूरन कुमार की बेटी को भी नौकरी देनी चाहिए।
मुआवजा भी देना चाहिए। इस मुद्दे पर जब सदन में विवाद बढ़ा तो कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि सरकार की ओर से वाई पूरन कुमार की बेटी को नौकरी का ऑफर किया गया है। वह आवेदन करेंगी तो सरकार उन्हें नौकरी देने के लिए तैयार है।
आठ पन्नों का लिखा था सुसाइड नोट
बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में आइपीएस वाई पूरन कुमार ने सात अक्टूबर को अपने सेक्टर-11 स्थित निवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने मरने से पहले आठ पन्नों के फाइनल नोट में हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और पूर्व एसपी रोहतक नरेंद्र बिजारणिया सहित कई अधिकारियों पर जातीय उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।
आत्महत्या को लेकर एसआईटी गठित
हरियाणा के वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले की जांच के लिए एसआईटी का भी गठन किया गया था। जिला अदालत से उनका लैपटॉप हासिल करने की मंजूरी मिल गई है, जिसके टीम को अहम सुराग हाथ लगे थे।











