मासूम बच्चियों को डायल 112 के जवानों ने परिजनों से मिलाया

ऑटो से उतरने के बाद मां से बिछड़ गई थी एक और तीन साल की बच्चियां
भोपाल
सागर जिले के थाना मोतीनगर क्षेत्र में डायल-112 जवानों की सतर्कता, मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही ने दो मासूम बच्चियों को सुरक्षित उनके माता-पिता से मिलाया है। सड़क पर लावारिस अवस्था में भटकती लगभग 1 वर्ष एवं 3 वर्ष आयु की दो बच्चियों को सुरक्षित संरक्षण में लेकर, डायल-112 टीम ने जिस धैर्य, समझदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया, वह सेवा और करुणा का अनुकरणीय उदाहरण है।
जानकारी के अनुसार इस संबंध में राज्य स्तरीय डायल-112 कंट्रोल रूम भोपाल को सूचना प्राप्त हुई, जिसके तत्काल बाद थाना मोतीनगर क्षेत्र में तैनात एफआरव्ही वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ आरक्षक अभय विनोदिया एवं पायलट अनिकेत दुबे ने मौके पर पहुंचकर दोनों मासूम बच्चियों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। टीम द्वारा अत्यंत संवेदनशीलता, धैर्य और अपनत्व के साथ बच्चियों से संवाद किया गया।जिसके परिणामस्वरूप 3 वर्षीय बच्ची ने अपने परिजन का नाम बताया। इस जानकारी के आधार पर डायल-112 टीम ने आसपास के क्षेत्र में सक्रियता से पूछताछ करते हुए परिजनों की तलाश प्रारंभ की। लगातार प्रयासों और सतर्क खोज के बाद बच्चियों के माता-पिता का पता लगाया और उन्हें तत्काल मौके पर बुलाया।
पूछताछ में परिजनों ने बताया कि बच्चियां अपनी माता के साथ थीं, लेकिन ऑटो में पर्स छूट जाने के कारण वे उसे लेने पीछे चली गई।इसी दौरान बच्चियां ठेले वाले के पास खड़ी रहीं और मां को तलाशते हुए आगे निकल गईं, जिससे वे एक-दूसरे से बिछड़ गईं। जवानों ने पहचान एवं सत्यापन उपरांत दोनों बच्चियों को सुरक्षित उनके माता-पिता के सुपुर्द किया। डायल 112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना संदेश देती है कि मध्यप्रदेश पुलिस केवल कानून-व्यवस्था की प्रहरी नहीं, बल्कि हर संकट में आमजन की सुरक्षा, संवेदनशीलता और भरोसे की मजबूत ढाल है।











